Cristiano Ronaldo latest news: 2026 वर्ल्ड कप में क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने उज़्बेकिस्तान के खिलाफ 2 गोल कर इतिहास रचा। वे 6 अलग-अलग वर्ल्ड कप में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बने। अब 10 गोल के साथ वे पुर्तगाल के टॉप वर्ल्ड कप स्कोरर हैं।
न्यूयॉर्क: आलोचकों को जवाब देने का क्रिस्टियानो रोनाल्डो का अपना ही स्टाइल है - मैदान पर अपने बूट्स से। 2026 वर्ल्ड कप के मंच पर भी उन्होंने यही दोहराया है। ये साबित करते हुए कि उम्र बस एक नंबर है, CR7 ने ह्यूस्टन स्टेडियम में उज़्बेकिस्तान के खिलाफ दो शानदार गोल दागकर अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है।

साल गुज़र गए, विरोधी बदले, आलोचक बदले, खेल और मैदान भी बदल गए—लेकिन क्रिस्टियानो रोनाल्डो आज भी वैसे ही डटे हुए हैं। जब भी लोगों ने कहा कि उनका दौर खत्म हो गया, वो और भी मज़बूत, ज़्यादा खतरनाक और पक्के इरादे के साथ वापस लौटे। गोल की भूख ऐसी कि उम्र भी हार मान गई, वक्त थम गया और रिकॉर्ड्स ने सिर झुका दिया। आज पूरी दुनिया उनकी इस ज़िद और जुनून को देखकर हैरान है और तालियां बजा रही है।
रोनाल्डो ने अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी लियोनेल मेसी के साथ 2006 में वर्ल्ड कप डेब्यू किया था। 2006, 2010 और 2014 के वर्ल्ड कप में उन्होंने एक-एक गोल किया। 2018 में तो उन्होंने हैट्रिक समेत चार गोल दागकर तहलका मचा दिया था। 2022 के क़तर वर्ल्ड कप में भी उनके नाम एक गोल रहा।
लेकिन 2026 वर्ल्ड कप के ग्रुप K मुकाबले में उज़्बेकिस्तान के खिलाफ गोल करते ही उन्होंने इतिहास रच दिया। क्रिस्टियानो रोनाल्डो 6 अलग-अलग वर्ल्ड कप में गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इन दो गोलों के साथ ही वो पुर्तगाल के लिए वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी भी बन गए। अब उनके नाम कुल 10 वर्ल्ड कप गोल हैं।
इस मामले में उन्होंने पुर्तगाल के महान खिलाड़ी यूसेबियो को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 1966 के एक ही वर्ल्ड कप में 9 गोल दागकर दशकों से यह रिकॉर्ड अपने नाम कर रखा था। इस मैच में पुर्तगाल ने उज़्बेकिस्तान को 5-0 से रौंद दिया। रोनाल्डो के अलावा नूनो मेंडिस और राफेल लियाओ ने भी गोल किए। पुर्तगाल की जर्सी में अब रोनाल्डो के कुल गोलों की संख्या 145 हो गई है, जो लियोनेल मेसी से 23 गोल ज़्यादा है। ये सिर्फ एक खिलाड़ी के आंकड़े नहीं हैं, बल्कि एक ऐसे योद्धा के अविश्वसनीय सफ़र की कहानी है, जिसने अपनी हार से सीखा और नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया।
41 साल की उम्र में भी रोनाल्डो बार-बार यही याद दिला रहे हैं कि वो यहां सिर्फ एक सपने के लिए हैं - वर्ल्ड कप की चमचमाती ट्रॉफी। वो पीढ़ियों को पार कर फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में अपना नाम दर्ज कराने के लिए अपना सफ़र जारी रखे हुए हैं।
