क्या मुंह ढककर बात करने पर सीधे रेड कार्ड देना FIFA का सही फैसला है या नियम बहुत सख्त है? क्या यह नया नियम खिलाड़ियों के बीच होने वाली अभद्र भाषा और विवादों को रोक पाएगा? अगर आप रेफरी होते, तो क्या अल्मिरोन को रेड कार्ड देते या सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ देते?
न्यूयॉर्क: पैराग्वे के मिडफील्डर मिगुएल अल्मिरोन ने वर्ल्ड कप में एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसे वो कभी याद नहीं रखना चाहेंगे। शुक्रवार रात तुर्की के खिलाफ मैच के दौरान उन्हें एक अजीब वजह से रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया गया। वजह थी- बात करते समय मुंह पर हाथ रखना। वर्ल्ड कप के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी खिलाड़ी को इस गलती के लिए रेड कार्ड मिला हो। यह घटना मैच के पहले हाफ के आखिर में हुई, जब पैराग्वे 1-0 से आगे चल रहा था।

अल्मिरोन के बाहर जाने के बाद पैराग्वे को पूरे दूसरे हाफ में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। हुआ ये कि अल्मिरोन तुर्की के खिलाड़ी मेर्ट मल्डर से कुछ कहते हुए अपने हाथ से मुंह छिपा रहे थे। मल्डर ने तुरंत रेफरी का ध्यान इस ओर खींचा कि पैराग्वे के खिलाड़ी ने नियम तोड़ा है। इसके बाद रेफरी ने ग्राउंड पर लगे मॉनिटर पर रीप्ले देखा और अल्मिरोन को सीधे रेड कार्ड दिखा दिया।
क्या है ये नया नियम?
फीफा ने इसी वर्ल्ड कप से यह नया नियम लागू किया है। इसके तहत, मैदान पर बहस के दौरान मुंह ढककर बात करने वाले खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिया जा सकता है। इस सख्त नियम के पीछे फरवरी में हुआ एक चैंपियंस लीग मैच है। उस मैच में बेनफिका के खिलाड़ी जियानलुका प्रेस्टियानी ने अपनी जर्सी से मुंह ढककर रियल मैड्रिड के स्टार विनीसियस जूनियर को गाली दी थी। मुंह ढका होने की वजह से अधिकारी यह पता नहीं लगा पाए कि उन्होंने असल में क्या कहा था।
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ही फीफा ने रेफरी को यह अधिकार दिया है कि अगर कोई खिलाड़ी बहस के दौरान अपना मुंह छिपाता है, तो उसे रेड कार्ड दिखाया जा सकता है।
