नॉर्वे और मैनचेस्टर सिटी के स्टार अर्लिंग हालैंड ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 क्वार्टर-फाइनल में इंग्लैंड से भिड़ंत से पहले अपने देश की वाइकिंग विरासत का आह्वान किया। उन्होंने 'वाइकिंग रो' का जिक्र करते हुए टीम की एकता और लड़ने की भावना पर जोर दिया।
इंग्लैंड से महामुकाबले से पहले हालैंड ने जगाई 'वाइकिंग' भावना
नॉर्वे और मैनचेस्टर सिटी के स्टार स्ट्राइकर अर्लिंग हालैंड ने अपनी टीम के फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले क्वार्टर-फाइनल मैच से पहले फैंस को एक खास संदेश दिया है। उन्होंने अपने देश की वाइकिंग विरासत का आह्वान करते हुए इसे अपने फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े मैचों में से एक की तैयारी बताया है। https://x.com/Erling/status/2075668198100230539?s=20
क्या है 'वाइकिंग रो' सेलिब्रेशन?
गौरतलब है कि 'वाइकिंग रो' एक लोकप्रिय सेलिब्रेशन है, जिसमें प्रशंसक पारंपरिक वाइकिंग जहाज की लय में चप्पू चलाने की नकल करते हैं। यह एकता, शक्ति और सामूहिक संघर्ष की भावना का प्रतिनिधित्व करता है। इतिहास के वाइकिंग्स की तरह, जो युद्ध में जाने से पहले एक साथ चप्पू चलाते थे, आधुनिक नॉर्वेजियन समर्थक भी टीम भावना व्यक्त करने और अपनी फुटबॉल टीम का समर्थन करने के लिए एकजुट होकर यह इशारा करते हैं।
शानदार फॉर्म में हालैंड, ब्राजील को हराकर क्वार्टर-फाइनल में पहुंचा नॉर्वे
इससे पहले, हालैंड ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपने प्रशंसकों को इंग्लैंड के खिलाफ टीम के फीफा वर्ल्ड कप 2026 क्वार्टर-फाइनल मुकाबले से पहले ट्रेनिंग सेशन की एक झलक दिखाई थी। एक एक्स पोस्ट में, हालैंड ने शनिवार (स्थानीय समय) को होने वाले महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले ट्रेनिंग करते हुए अपनी कई तस्वीरें पोस्ट कीं। हालैंड ने कैप्शन में लिखा, "क्वार्टर-फाइनल की तैयारी।" https://x.com/Erling/status/2075334952250417424?s=20
ब्राजील के खिलाफ मैच के दौरान दो गोल करने के बाद हालैंड के गोलों की संख्या सात हो गई, जिससे वह पोलैंड के ग्रेजगोर्ज लाटो के 1974 में सात गोल करने के बाद अपने डेब्यू वर्ल्ड कप में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। नॉर्वे ने राउंड ऑफ 16 में पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक करते हुए क्वार्टर-फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
इंग्लैंड का सफर और नॉर्वे के साथ पुराना हिसाब
दूसरी ओर, इंग्लैंड अपनी सबसे यादगार जीतों में से एक के दम पर क्वार्टर-फाइनल में पहुंचा है, जिसमें जूड बेलिंघम के दो गोलों ने एज़्टेका में मेक्सिको पर 10 खिलाड़ियों तक सिमट जाने के बावजूद 3-2 की रोमांचक जीत दिलाई थी।
हालांकि, इतिहास थोड़ा नॉर्वे के पक्ष में है, क्योंकि इंग्लैंड अपने पिछले सात मुकाबलों में सिर्फ दो जीत हासिल कर सका है। थ्री लायंस का संघर्ष 1981 में फीफा वर्ल्ड कप क्वालीफायर में 2-1 की यादगार हार से शुरू हुआ था। (एएनआई)
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