खबरें हैं कि फीफा वर्ल्ड कप के दौरान अमेरिकी प्रशासन अवैध अप्रवासियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार और देश से बाहर निकालने की तैयारी कर रहा है। वहीं, ईरान की टीम को मैच के तुरंत बाद देश छोड़ने का सख्त निर्देश दिया गया है।

न्यूयॉर्क: डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद से ही वहां अवैध रूप से रह रहे अप्रवासियों को देश से बाहर निकालने का अभियान चल रहा है। अब खबर आ रही है कि इसी कड़ी में, 11 जून से शुरू हो रहे फीफा वर्ल्ड कप के दौरान भी अप्रवासियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और डिपोर्ट करने की तैयारी की जा रही है।

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अमेरिका की इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एक्टिंग डायरेक्टर टॉड लियोन्स ने भी इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि टूर्नामेंट के दौरान उनकी एजेंसी एक अहम भूमिका निभाएगी। वहीं, जब व्हाइट हाउस की वर्ल्ड कप टास्क फोर्स के डायरेक्टर एंड्रयू गियुलियानी से स्टेडियम में छापेमारी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित रखने वाले किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेंगे।' उनके इस बयान से अटकलें लगाई जा रही हैं कि मैच के दौरान स्टेडियम और उसके आसपास दर्शकों की जांच की जा सकती है और अगर कोई अवैध अप्रवासी पाया गया तो उसे देश से बाहर निकाला जा सकता है।

मैच खेलो और फौरन निकलो: ईरानी टीम के लिए अमेरिका का सख्त नियम

एक तरफ जहां अप्रवासियों पर सख्ती की तैयारी है, वहीं ईरान की फुटबॉल टीम को भी कड़े नियमों का सामना करना पड़ रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद ईरान की टीम फीफा वर्ल्ड कप के मैच खेलने अमेरिका आएगी। लेकिन टीम को सिर्फ मैच के लिए ही अमेरिका में घुसने की इजाजत होगी और मैच खत्म होते ही उन्हें तुरंत देश छोड़ना होगा।

फिलहाल ईरान की टीम मेक्सिको में प्रैक्टिस कर रही है। मेक्सिको में ईरान के राजदूत अबोलफजल ने मीडिया को बताया, 'हम मैच खेलने के लिए सुबह अमेरिका जाएंगे और मैच खत्म होते ही हमें अमेरिका छोड़ना होगा।' ईरान की टीम अपना पहला मैच 15 जून को कैलिफोर्निया में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी। इससे पहले, दोनों देशों के बीच तनाव को देखते हुए इस बात पर सस्पेंस था कि ईरानी खिलाड़ियों को वीजा मिलेगा भी या नहीं। हालांकि, अब दो अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि टीम को वीजा दे दिया गया है।