फीफा वर्ल्ड कप में 68 साल बाद एक दिन में 4 मैच ड्रॉ हुए, जो 1958 के बाद पहली बार है। स्पेन को केप वर्डे ने 0-0 पर रोका, जबकि बेल्जियम और मिस्र का मैच 1-1 से बराबर रहा।
अटलांटा (अमेरिका): फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप में 68 साल बाद एक अनोखा रिकॉर्ड बना है। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक हुए चार मैच ड्रॉ पर खत्म हुए और किसी का भी नतीजा नहीं निकला। इससे पहले 1958 में एक ही दिन में 4 मैच ड्रॉ हुए थे। सोमवार रात हुए एक बड़े मुकाबले में पूर्व चैंपियन स्पेन को वर्ल्ड रैंकिंग में 64वें नंबर की टीम केप वर्डे ने गोलरहित ड्रॉ पर रोक दिया। इसके बाद बेल्जियम-मिस्र, सऊदी अरब-उरुग्वे और ईरान-न्यूजीलैंड के बीच हुए मैच भी ड्रॉ पर ही खत्म हुए।

वोजिन्हा बने 'दीवार'
मजबूत स्पेनिश टीम के सामने केप वर्डे के 40 साल के गोलकीपर वोजिन्हा (Vozinha) दीवार बनकर खड़े हो गए। उन्होंने मैच में 7 शानदार बचाव किए और स्पेन को एक भी गोल नहीं करने दिया। यह 1966 के बाद से फीफा वर्ल्ड कप में 40 साल से ज्यादा उम्र के किसी गोलकीपर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है।
जीत को तरस रहा स्पेन
फीफा रैंकिंग में तीसरे नंबर पर काबिज स्पेन की टीम वर्ल्ड कप में पिछले 4 मैचों से जीत नहीं पाई है। 2022 वर्ल्ड कप में टीम ने ग्रुप स्टेज का पहला मैच जीता था, लेकिन उसके बाद 3 मैचों में से 1 ड्रॉ रहा और 2 में उसे हार मिली थी।
मिस्र ने बेल्जियम को 1-1 से रोका
अमेरिका के सिएटल स्टेडियम में हुए एक और मैच में दुनिया की 10वें नंबर की टीम बेल्जियम को मिस्र ने 1-1 के ड्रॉ पर रोक दिया। मैच के 20वें मिनट में एमाम अशौर (Emam Ashour) ने गोल करके मिस्र को बढ़त दिला दी। इसके बाद 66वें मिनट में रोमेलु लुकाकु (Romelu Lukaku) मैदान पर उतरे और सिर्फ 23 सेकंड में ही मैच का रुख बदल गया। उनकी मौजूदगी में बने एक मूव पर गेंद गोल में चली गई। हालांकि, गेंद गोलपोस्ट में जाने से पहले मिस्र के खिलाड़ी मोहम्मद हैनी (Mohamed Hany) के पैर से टकराई थी, इसलिए इसे 'ओन गोल' करार दिया गया।
