Folarin Balogun Story: नाइजीरियाई मूल के फोलारिन बालोगन का जन्म संयोग से अमेरिका में हुआ। वर्ल्ड कप में 2 गोल दागकर वह 1930 के बाद ऐसा करने वाले पहले अमेरिकी बने। उनकी मदद से अमेरिका ने पैराग्वे को 4-1 से हराया।
Folarin Balogun Remarkable Story: 25 साल पहले अगर अमेरिकी एयरलाइन के स्टाफ ने एक प्रेग्नेंट महिला को लंदन जाने वाली फ्लाइट में चढ़ने दिया होता, तो शायद इस बार वर्ल्ड कप में अमेरिका को फोलारिन बालोगन जैसा स्टार स्ट्राइकर नहीं मिलता।

अमेरिका के लिए बालोगन ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड
बालोगन 1930 के बाद वर्ल्ड कप मैच में 2 गोल करने वाले पहले अमेरिकी खिलाड़ी बन गए हैं। उनका जन्म तो अमेरिका में हुआ, लेकिन उनके माता-पिता नाइजीरिया के हैं और इंग्लैंड में रहते थे। 2001 में बालोगन की मां फ्लोरेंस अपने परिवार से मिलने लंदन से न्यूयॉर्क आई थीं। जब वो वापस लौट रही थीं, तो प्रेग्नेंसी की वजह से उन्हें मेडिकल क्लीयरेंस के बिना फ्लाइट में चढ़ने की इजाजत नहीं मिली। इसलिए फ्लोरेंस को वहीं रुकना पड़ा और कुछ ही दिनों में उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया।
जन्म के कुछ हफ्तों बाद ही वो लंदन लौट गईं। बालोगन वहीं पले-बढ़े और छोटी उम्र में ही आर्सेनल क्लब की हेल एंड एकेडमी में फुटबॉल की ट्रेनिंग शुरू कर दी। इसके बाद वो फ्रांस गए और एक टैलेंटेड फुटबॉलर के तौर पर अपनी पहचान बनाई। फिर किस्मत उन्हें वापस अमेरिका ले आई और 2023 से वो वहां की नेशनल टीम के लिए खेल रहे हैं।
नाइजीरियाई माता-पिता के बेटे, जन्म से अमेरिकी नागरिक, लंदन में फुटबॉल सीखा, फ्रांस में एक बेहतरीन गोल स्कोरर बने और इंग्लैंड की अंडर-17 और अंडर-21 टीमों के लिए भी खेले। अब वही बालोगन वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में अमेरिका की जीत के हीरो बन गए हैं।
अमेरिका की गोलों की बारिश, 4-1 से शानदार जीत
इंग्लवुड (कैलिफोर्निया): फीफा वर्ल्ड कप में मेजबान अमेरिका ने शानदार जीत के साथ शुरुआत की है। शनिवार सुबह पैराग्वे के खिलाफ हुए मैच में अमेरिका ने गोलों की बारिश करते हुए 4-1 के अंतर से जीत दर्ज की। यह वर्ल्ड कप मैच में अमेरिका का अब तक का सबसे ज्यादा गोल का रिकॉर्ड भी है।
अमेरिकी टीम 2022 के वर्ल्ड कप में 3 मैचों में सिर्फ 4 गोल ही कर पाई थी। साथ ही, टीम ने इससे पहले कभी भी किसी वर्ल्ड कप मैच में 3 से ज्यादा गोल नहीं किए थे। लेकिन पैराग्वे के खिलाफ टीम ने पहले हाफ में ही 3-0 की बढ़त बना ली।
मैच के 31वें मिनट में पैराग्वे के खिलाड़ी डेमियन बोबाडिला के ओन गोल की गलती से अमेरिका को 1-0 की बढ़त मिली। इसके तुरंत बाद फोलारिन बालोगन ने 32वें मिनट और पहले हाफ के एक्स्ट्रा टाइम (45+5वें मिनट) में दो गोल दागकर अमेरिका की जीत लगभग पक्की कर दी। दूसरे हाफ में 73वें मिनट में पैराग्वे के लिए मौरिसियो ने एक गोल किया, लेकिन 98वें मिनट में जियोवानी रेना के गोल ने अमेरिका की जीत का अंतर और बढ़ा दिया।
