ईरान के कोच ने 2026 वर्ल्ड कप में अपनी टीम को "सबसे सताई हुई" बताया है। अमेरिका में वीज़ा समस्याओं और यात्रा बाधाओं के कारण टीम को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें मैच के तुरंत बाद बिना आराम के मेक्सिको लौटने को कहा गया।

ईरान के कोच आमिर घालेनोई ने अपनी टीम को "वर्ल्ड कप की सबसे सताई हुई टीम" कहा है। ऐसा उन्होंने तब कहा, जब सोमवार देर रात लॉस एंजेलिस में अपना पहला मैच खत्म करने के तुरंत बाद उनके खिलाड़ियों को मेक्सिको वापस जाने के लिए कह दिया गया। अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में हो रहे इस टूर्नामेंट में ईरानी टीम के लिए यह एक और बड़ा सिरदर्द है। तेहरान और वॉशिंगटन के बीच कड़वे रिश्तों का साया टीम पर साफ दिख रहा है।

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अमेरिका ने कुछ टीम सपोर्ट स्टाफ को वीज़ा देने से इनकार कर दिया था और खिलाड़ियों को भी ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स आखिरी मौके पर दिए गए। यह सब तब हो रहा है, जब रविवार को ही दोनों देशों के बीच महीनों से चल रहे सैन्य तनाव को खत्म करने के लिए एक शांति समझौते का ऐलान हुआ है।

2026 वर्ल्ड कप में ईरान का संघर्ष

वीज़ा और दूसरी परेशानियों के चलते टीम को अपना ट्रेनिंग कैंप आखिरी समय में एरिज़ोना के टक्सन से बदलकर मेक्सिको के तिजुआना में शिफ्ट करना पड़ा था। घालेनोई ने न्यूज़ीलैंड के साथ 2-2 से ड्रॉ हुए मैच के बाद पत्रकारों से कहा, "उन्होंने हमारे आने में देरी की, और अब वे हमें बिना रिकवरी का समय दिए जल्दी वापस जाने के लिए मजबूर कर रहे हैं।" “वे हालात को और मुश्किल बना रहे हैं, हमारे सामने नई-नई बाधाएं खड़ी कर रहे हैं, लेकिन हम इसकी वजह से रुकने वाले नहीं हैं और अपना बेस्ट देंगे।”

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घालेनोई के मुताबिक, उनकी टीम को पहले बताया गया था कि वे "रिकवरी के लिए" मंगलवार दोपहर तक अमेरिका में रह सकते हैं। उन्होंने कहा, “लेकिन फिर उन्होंने हमें इजाज़त नहीं दी।” "सच कहूं तो मुझे नहीं पता कि उन्होंने हमें ऐसा क्यों नहीं करने दिया।" कोच ने बताया कि ज़रूरी स्टाफ की गैरमौजूदगी में टेक्निकल स्टाफ को मैनेजर के काम भी करने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, "इसीलिए मुझे लगता है कि हम वर्ल्ड कप की सबसे सताई हुई टीम हैं।"

स्टार स्ट्राइकर तारेमी ने भी व्यवस्था पर उठाए सवाल

ईरान ने अपना पहला मैच सोमवार को लॉस एंजेलिस में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ खेला। यह मैच अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के ऐलान के ठीक एक दिन बाद हुआ, जिसमें सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को "तुरंत और स्थायी रूप से" खत्म करने की बात कही गई थी। मैच के बाद टीम के स्टार स्ट्राइकर मेहदी तारेमी ने भी टूर्नामेंट में अपनी टीम के साथ हो रहे बर्ताव को "तबाही" जैसा बताया।

उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा, "यह खिलाड़ियों, स्टाफ और हर किसी के लिए बहुत तनावपूर्ण है, लेकिन हमें वह सपोर्ट नहीं मिल रहा है। मुझे लगता है कि FIFA को हमारी इससे ज़्यादा मदद करनी चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, “सच कहूं तो हमारे लिए सब कुछ एक तबाही जैसा है।”

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तारेमी ने बताया कि खिलाड़ियों को सोमवार को अमेरिका छोड़ने के बारे में मैच वाले दिन ही पता चला। “हम इस स्थिति से थक चुके हैं, क्योंकि पिछले एक-दो महीने से हमें बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, आप जानते हैं?” "यह बहुत बुरा है और इसका असर हमारी टीम पर पड़ रहा है। हम सिर्फ शांति चाहते हैं, जो FIFA का मूलमंत्र भी है - 'शांति, खुशी' और ऐसी ही चीज़ें।" तारेमी ने यह भी बताया कि FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो इस मुद्दे पर बात करने के लिए ईरान के चेंजिंग रूम में आए थे। उन्होंने कहा, “वह हमारी मदद करने की कोशिश करना चाहते हैं, लेकिन यह दूसरी चीज़ों पर भी निर्भर करता है।”