फीफा वर्ल्ड कप के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी की चेतावनी। ठग फ्री मैच के बहाने फर्जी ऐप्स (APK) इंस्टॉल कराकर फोन का कंट्रोल लेते हैं और बैंक से पैसे चुराते हैं। धोखाधड़ी होने पर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।

नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप का खुमार जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। केरल पुलिस ने चेतावनी दी है कि फुटबॉल फैंस को निशाना बनाकर एक बड़ा ऑनलाइन फ्रॉड चल रहा है, जिसमें फ्री में मैच दिखाने का झांसा दिया जा रहा है। ये ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, वॉट्सऐप और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपना जाल बिछा रहे हैं।

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इन ठगों के विज्ञापन काफी आकर्षक होते हैं, जैसे - "FIFA World Cup लाइव फ्री", "1000+ टीवी चैनल मुफ्त", "प्रीमियम OTT कंटेंट फ्री" और "बिना विज्ञापन के फिल्में और मैच देखें"। ये फर्जी ऐप्स HZ TV, OPEN TV, NB TV, MAX TV, XM TV, और TUBI TV जैसे नामों से आते हैं, जो सुनने में असली लगते हैं। ये ऐप्स प्ले स्टोर पर नहीं मिलते, बल्कि सोशल मीडिया पर शेयर किए गए लिंक के जरिए इनकी APK फाइल डाउनलोड कराई जाती है।

कैसे फोन का पूरा कंट्रोल ठगों के हाथ में चला जाता है?

ये फर्जी ऐप्स फोन में इंस्टॉल होने के बाद 'Update Required', 'Activate Subscription' या 'Enable Service' जैसे मैसेज दिखाते हैं। जैसे ही यूजर इन्हें मंजूरी देता है, फोन की एक्सेसिबिलिटी सर्विस, स्क्रीन ओवरले और नोटिफिकेशन एक्सेस जैसी बेहद संवेदनशील सेटिंग्स का कंट्रोल ठगों के पास चला जाता है।

इसके बाद फोन की सिक्योरिटी पूरी तरह से खत्म हो जाती है। ठगों को आपके फोन का पूरा कंट्रोल मिल जाता है और वे आपकी जानकारी के बिना ही फोन में मौजूद UPI और बैंकिंग ऐप्स खोलकर आपके अकाउंट से पैसे अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते हैं।

आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां

  • वर्ल्ड कप देखने के नाम पर सोशल मीडिया से मिले किसी भी लिंक से कोई APK फाइल इंस्टॉल न करें।
  • ऐप्स हमेशा गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर जैसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ही डाउनलोड करें।
  • "Free Premium Subscription" या "Unlimited Sports Access" जैसे बढ़ा-चढ़ाकर किए गए वादों के झांसे में न आएं।
  • एक्सेसिबिलिटी सर्विस, इंस्टॉल अननोन ऐप्स, या स्क्रीन कंट्रोल जैसी खतरनाक परमिशन मांगने वाले ऐप्स से दूर रहें।
  • बैंकिंग और UPI ऐप्स इस्तेमाल करते समय फोन की सेफ्टी सेटिंग्स की जांच कर लें।
  • ऐसे किसी भी संदिग्ध लिंक को दोस्तों या परिवार वालों को बिल्कुल भी फॉरवर्ड न करें।

धोखाधड़ी होने पर क्या करें?

अगर आप किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। आप https://cybercrime.gov.in पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर धोखाधड़ी के शुरुआती कुछ घंटों में ही शिकायत कर दी जाए, तो गंवाए हुए पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।