Messi Sculpture Controversy: अर्जेंटीना में लियोनेल मेसी की 85 फुट ऊंची मूर्ति लगाई गई है, लेकिन इसके डिज़ाइन को लेकर सोशल मीडिया पर मज़ाक उड़ रहा है। 70 टन स्टील और लोहे से बनी इस मूर्ति में वर्ल्ड कप ट्रॉफी की जगह को लेकर फैंस सवाल उठा रहे हैं।
Lionel Messi Statue (ब्यूनस आयर्स): एक तरफ जहां लियोनेल मेसी अमेरिका में हो रहे फुटबॉल वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के लिए रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके अपने देश में उनकी एक विशाल मूर्ति को लेकर सोशल मीडिया पर बहस और मज़ाक का दौर शुरू हो गया है। यह मामला दक्षिणी अर्जेंटीना के पैटागोनिया इलाके के एक छोटे से शहर 'कुत्राल को' का है, जहां मेसी की 85 फुट (26 मीटर) ऊंची मूर्ति लगाई गई है। 70 टन स्टील और लोहे से बनी इस मूर्ति को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि मेसी घुटनों के बल बैठे हैं और हाईवे से गुज़रने वाले लोगों को देख रहे हैं। लेकिन इस मूर्ति के डिज़ाइन और बनावट को लेकर फुटबॉल फैंस के बीच ज़बरदस्त आलोचना हो रही है।

ट्रॉफी की जगह बनी मज़ाक की वजह
लोगों का कहना है कि मूर्तिकार ने मूर्ति के चेहरे और शरीर के ऊपरी हिस्से को तो बहुत अच्छे से बनाया है, लेकिन पैरों समेत नीचे का आधा हिस्सा बिल्कुल भी नैचुरल नहीं लग रहा है। लेकिन असली विवाद की वजह कुछ और ही है। मेसी जिस लोहे की घास पर घुटने टेके बैठे हैं, वहां गोल्डन वर्ल्ड कप ट्रॉफी को ठीक उनकी दोनों जांघों के बीच में रखा गया है। इस अजीब एंगल वाले डिज़ाइन की वजह से सोशल मीडिया पर लोग जमकर मज़ाक बना रहे हैं।
एक्स (पहले ट्विटर) पर एक फैन ने लिखा, "ये मूर्ति बनाने वाले सच में मेसी का सम्मान कर रहे हैं या मज़ाक उड़ा रहे हैं? खासकर इस एंगल से देखने पर तो यह पूरी तरह से कॉमेडी लग रहा है।" ज़्यादातर लोगों का मानना है कि खेल के इतिहास के एक सुनहरे पल को दिखाने की कोशिश एक बड़ी गलती में बदल गई।
हालांकि, 61 साल के मूर्तिकार बेरोइज़ा ने इन सभी आलोचनाओं को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि मेसी अर्जेंटीना के एंबेसडर हैं और एक अर्जेंटीनावासी होने के नाते इस मूर्ति को बनाना उनके लिए गर्व की बात है। विवादों के बावजूद, इस विशाल मूर्ति को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
एक तरफ जहां देश में मूर्ति पर विवाद हो रहा है, वहीं अमेरिका के मैदानों पर 39 साल के लियोनेल मेसी अपने करियर की सबसे बेहतरीन फॉर्म में हैं। उन्होंने खेले गए दो ग्रुप मैचों में पांच गोल करके अर्जेंटीना को नॉकआउट स्टेज में पहुंचा दिया है। पहले मैच में अल्जीरिया के खिलाफ शानदार हैट्रिक लगाने के बाद, मेसी ने अगले मैच में ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल करके इतिहास रच दिया। मैच की शुरुआत में एक पेनल्टी चूकने के बावजूद, उन्होंने बाद में दो गोल दागकर अर्जेंटीना को 2-0 से शानदार जीत दिलाई।
इन दो गोलों के साथ ही मेसी ने वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज़्यादा गोल करने वाले जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज़ (16 गोल) का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। अब 18 गोल के साथ मेसी वर्ल्ड कप इतिहास के ऑल-टाइम टॉप स्कोरर बन गए हैं।
