वर्ल्ड कप में सेनेगल की फुटबॉल टीम गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है। कोच को 5 महीने से वेतन और खिलाड़ियों को बोनस नहीं मिला है। खराब सुविधाओं और डाइट की समस्याओं के बीच टीम टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर है।

न्यूयॉर्क: फुटबॉल वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर सेनेगल की टीम मैदान पर तो ग्रुप स्टेज से आगे बढ़ने के लिए जूझ ही रही है, लेकिन मैदान के बाहर वो इससे भी बड़े संकट का सामना कर रही है। अफ्रीकी फुटबॉल की पावरहाउस मानी जाने वाली यह टीम इस वक्त पैसों की भारी तंगी से गुजर रही है। हालात इतने खराब हैं कि टीम के रोजमर्रा के काम भी मुश्किल से हो पा रहे हैं।

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खबरों के मुताबिक, टीम के हेड कोच पाप थियाव को पिछले पांच महीनों से सैलरी नहीं मिली है। उनका कॉन्ट्रैक्ट भी छह महीने पहले खत्म हो चुका है, लेकिन सेनेगल फुटबॉल एसोसिएशन ने अब तक उसे रिन्यू नहीं किया है। सिर्फ कोच ही नहीं, खिलाड़ियों को भी अफ्रीकन नेशंस कप में खेलने का बोनस अब तक नहीं मिला है। अधिकारियों ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने पर स्पेशल बोनस देने का वादा किया था, लेकिन वो भी सिर्फ एक वादा ही बनकर रह गया। खिलाड़ियों के लगभग सभी भत्ते और फायदे पूरी तरह से रोक दिए गए हैं।

अमेरिका में वर्ल्ड कप मैचों के लिए सेनेगल टीम को जिस होटल में ठहराया गया है, उसकी खराब क्वालिटी को लेकर खिलाड़ियों में काफी नाराजगी है। उनका आरोप है कि वर्ल्ड कप खेल रही किसी टीम को मिलने वाली बेसिक सुविधाएं भी यहां नहीं हैं। यही नहीं, खर्चे कम करने के लिए एसोसिएशन ने इस बार टीम के साथ रहने वाले ऑफिशियल शेफ (बावर्ची) को भी नहीं भेजा है। इस वजह से वर्ल्ड क्लास खिलाड़ियों का पूरा डाइट प्लान बिगड़ गया है। इसके अलावा, टीम के सपोर्टिंग स्टाफ की संख्या में भी भारी कटौती की गई है।

जिस एसोसिएशन को मैदान पर बेहतर प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को मानसिक रूप से सपोर्ट करना चाहिए, वही अपनी वित्तीय लापरवाही से टीम की वर्ल्ड कप उम्मीदों पर पानी फेर रही है। सेनेगल की टीम पहले मैच में फ्रांस से 1-3 से हार गई थी और दूसरे मैच में नॉर्वे ने उसे 2-3 से हराया। इन दो हार के बाद टीम टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर है।