वर्ल्ड कप में स्पेन के मिकेल ओयारज़ाबल ने एक शर्मनाक रिकॉर्ड बनाया। वह केप वर्डे के खिलाफ मैच के पहले 30 मिनट तक गेंद नहीं छू सके, जो 1966 के बाद पहली बार हुआ। स्पेन के 27 शॉट के बावजूद मैच 0-0 से ड्रॉ रहा।
न्यूयॉर्क: स्पेन के स्टार स्ट्राइकर मिकेल ओयारज़ाबल ने वर्ल्ड कप में एक ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है, जिसे वो कभी याद नहीं रखना चाहेंगे। वर्ल्ड कप के अपने पहले ग्रुप मैच में स्पेन की टीम कमजोर मानी जा रही केप वर्डे के खिलाफ गोल नहीं कर सकी और मैच 0-0 से ड्रॉ पर खत्म हुआ। इसी मैच में ओयारज़ाबल के नाम यह अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हुआ। मैच के पहले 30 मिनट में ओयारज़ाबल एक बार भी गेंद को छू नहीं पाए। फुटबॉल के आंकड़े रखने वाली कंपनी 'ओप्टा' के मुताबिक, 1966 से जबसे वर्ल्ड कप के रिकॉर्ड्स को ठीक से दर्ज किया जाने लगा है, तब से यह पहली बार है कि कोई खिलाड़ी मैच के पहले आधे घंटे तक मैदान पर रहते हुए भी गेंद को एक बार भी टच नहीं कर पाया हो।

केप वर्डे की दीवार, 'गायब' रहे ओयारज़ाबल
अटलांटा स्टेडियम में हुए ग्रुप एच के इस मुकाबले में स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते ने टीम को 4-3-3 के फॉर्मेशन में उतारा था। रियल सोसिदाद के फॉरवर्ड ओयारज़ाबल को गावी और फेरान टोरेस के साथ अटैक की कमान सौंपी गई थी। लेकिन अपना पहला वर्ल्ड कप मैच खेल रही केप वर्डे की टीम ने पांच डिफेंडरों की ऐसी दीवार खड़ी की, जिसे स्पेन तोड़ ही नहीं पाया।
स्पेन के मिडफील्ड में रोड्रि, पेड्री और फैबियन रुइज़ जैसे बड़े नाम थे, लेकिन उनके सारे पास केप वर्डे के डिफेंस ने बेकार कर दिए। इसका नतीजा यह हुआ कि ओयारज़ाबल मैदान पर पूरी तरह से अकेले पड़ गए। यह उस खिलाड़ी के लिए बहुत बड़ी निराशा की बात है, जो पिछले सीजन में अपने क्लब सोसिदाद के लिए 15 गोल और 4 असिस्ट के साथ अपने करियर के बेस्ट फॉर्म में था।
27 शॉट्स के बाद भी किस्मत ने नहीं दिया साथ
हालांकि, पहले आधे घंटे की नाकामी के बाद ओयारज़ाबल ने खेल में वापसी की और गोल पर 5 शॉट भी मारे, लेकिन कोई भी शॉट गोल में नहीं बदल सका। पहले हाफ के आखिर में फेरान टोरेस का एक शॉट पोस्ट से टकराकर वापस आया। रिबाउंड पर ओयारज़ाबल ने हेडर लगाया, लेकिन केप वर्डे के 40 साल के गोलकीपर वोजिन्हा ने शानदार बचाव किया।
मैच के 88वें मिनट में युवा सनसनी लामिन यमाल ने सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरकर ओयारज़ाबल को एक बेहतरीन पास दिया, लेकिन उनके शॉट को केप वर्डे के डिफेंडर पिको लोप्स ने अपने शरीर से रोक दिया। कोच ने दूसरे हाफ में लामिन यमाल, डैनी ओल्मो और निको विलियम्स जैसे खिलाड़ियों को भी मैदान में उतारा, लेकिन कोई भी केप वर्डे का डिफेंस नहीं भेद सका।
स्पेन ने पूरे मैच में कुल 27 शॉट मारे, लेकिन एक भी गोल नहीं कर पाई। अपने पहले ही मैच में स्पेन जैसी बड़ी टीम को बराबरी पर रोकने के लिए केप वर्डे की दुनियाभर में तारीफ हो रही है। ग्रुप के अगले मैच में स्पेन का सामना सऊदी अरब से होगा, जबकि केप वर्डे की टीम उरुग्वे से भिड़ेगी।
