बेल्जियम के गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ ने इशारा किया है कि वो फीफा वर्ल्ड कप के बाद इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि वो अपने क्लब करियर पर ज़्यादा ध्यान देना चाहते हैं और ये उनका आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है।
न्यूयॉर्क: बेल्जियम और रियल मैड्रिड के गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ ने इस बात के संकेत दिए हैं कि वो फीफा वर्ल्ड कप के बाद इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कह सकते हैं। अमेरिका के सिएटल में ग्रुप जी के पहले मैच में मिस्र (Egypt) के खिलाफ उतरने से पहले उन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर के भविष्य पर खुलकर बात की। कोर्टुआ का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब केविन डी ब्रुइन जैसे बेल्जियम की मशहूर 'सुनहरी पीढ़ी' (Golden Generation) के कई सीनियर खिलाड़ी अपने करियर के आखिरी दौर में हैं।

कोर्टुआ ने कहा, ''मुझे नहीं पता कि भविष्य के बारे में अभी बात करनी चाहिए या नहीं। लेकिन इस बात की पूरी संभावना है कि इस टूर्नामेंट के बाद मैं नेशनल टीम के लिए खेलना जारी न रखूं। मैं क्लब लेवल पर अभी कुछ और साल खेलना चाहता हूं। इसके लिए मुझे अपने शरीर का ज़्यादा ध्यान रखना होगा। मेरा परिवार भी अभी मेरे साथ यहां आया हुआ है, क्योंकि ये मेरा आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है।''
हालांकि, कोर्टुआ ने टीम में बने रहने की एक छोटी सी संभावना से भी इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा, ''अगर हमारा वर्ल्ड कप अभियान शानदार रहता है और टीम के अंदर का माहौल भी अच्छा बना रहता है, तो शायद मैं खेलना जारी रखूं। टूर्नामेंट के बाद मैं कोच, टेक्निकल डायरेक्टर विन्सेंट मानार्ट और मेडिकल टीम से बात करने के बाद ही कोई आखिरी फैसला लूंगा।''
सुनहरी पीढ़ी का अंत?
कोर्टुआ के ये शब्द ऐसे समय में आए हैं जब बेल्जियम की टीम अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवा टैलेंट को शामिल कर टीम को फिर से बनाने की राह पर है। 2011 में डेब्यू करने के बाद से कोर्टुआ एक दशक से भी ज़्यादा समय से बेल्जियम के गोलपोस्ट के रखवाले रहे हैं। उन्होंने देश के लिए 100 से ज़्यादा मैच खेले हैं और बड़े टूर्नामेंट्स में टीम की कमान संभाली है।
बेल्जियम इस वर्ल्ड कप में मिस्र, ईरान और न्यूजीलैंड वाले ग्रुप में है। कोर्टुआ के संभावित संन्यास से बेल्जियम फुटबॉल के एक सुनहरे दौर का अंत हो सकता है, साथ ही इससे एक नई पीढ़ी के लिए टीम में बदलाव की रफ्तार भी तेज हो जाएगी।
