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पति बने कोच, मां बनने के बाद की वापसी और अब कॉमनवेल्थ मेडल: जानिए सीमा कालीरमन की कहानी
Who is Seema Kaliraman: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की डिस्कस थ्रो खिलाड़ी सीमा कालीरमन ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। मां बनने के सिर्फ 11 महीने बाद मैदान पर वापसी करने वाली सीमा की संघर्ष और सफलता की कहानी हर खिलाड़ी के लिए प्रेरणा है।

डिस्कस थ्रो में भारत को मिला ब्रॉन्ज
महिलाओं की डिस्कस थ्रो प्रतियोगिता में सीमा कालीरमन के सामने कड़ी चुनौती थी। फाइनल में उन्हें 6 थ्रो मिले, लेकिन इनमें से 4 थ्रो फाउल रहे। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। दूसरे प्रयास में सीमा ने 57.32 मीटर का थ्रो कर तीसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद तीसरे प्रयास में उन्होंने 58.65 मीटर का शानदार थ्रो किया, जो आखिरी तक उनके लिए ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाला साबित हुआ। बाद के तीनों थ्रो फाउल रहे, लेकिन कोई भी खिलाड़ी उनके बेस्ट थ्रो को पीछे नहीं छोड़ सका। वहीं, भारत की दूसरी खिलाड़ी निधि रानी ने 57.10 मीटर का थ्रो किया और चौथे स्थान पर रहीं।

कौन हैं सीमा कालीरमन?
सीमा कालीरमन हरियाणा के भिवानी जिले की रहने वाली हैं और भारत की उभरती हुई डिस्कस थ्रो खिलाड़ी हैं। खेल के साथ-साथ वह स्पोर्ट्स साइंस में पीएचडी भी कर रही हैं। उनकी सफलता की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। मां बनने के बाद भी उन्होंने अपने सपने को नहीं छोड़ा। बच्चे के जन्म के सिर्फ 11 महीने बाद उन्होंने दोबारा ट्रेनिंग शुरू की और कड़ी मेहनत के दम पर कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई किया। अब उन्होंने अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर पूरे देश का नाम रोशन कर दिया है।
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मां बनने के बाद की शानदार वापसी
27 वर्षीय सीमा कालीरमन ने साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। मां बनने के बाद उन्होंने दोबारा मैदान पर वापसी की और लगातार मेहनत करती रहीं। कुछ ही महीनों की तैयारी के बाद उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई किया और अब अपने पहले ही मुकाबले में पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
पति ने निभाई कोच की भूमिका
सीमा कालीरमन की सफलता में उनके पति रविंदर का सबसे बड़ा योगदान रहा। रविंदर पहले खुद नेशनल लेवल के डिस्कस थ्रो खिलाड़ी रह चुके हैं। हालांकि चोट के कारण उनका खेल करियर आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी को एक सफल खिलाड़ी बनाने का फैसला किया और खुद उनके कोच बन गए। कोरोना महामारी के दौरान रविंदर की सलाह पर ही सीमा ने स्पोर्ट्स साइंस में पीएचडी शुरू की। आज उनकी मेहनत और पति के सहयोग का नतीजा पूरे देश के सामने है।
भारत के हुए 17 मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। अब तक भारतीय खिलाड़ियों ने 17 पदक जीत लिए हैं, जिनमें 3 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज शामिल हैं। फिलहाल भारत मेडल टेबल में 10वें नंबर पर बना हुआ है।
सीमा कालीरमन को लेकर सर्च किए जाने वाले सवाल
1. सीमा कालीरमन कौन हैं?
सीमा कालीरमन हरियाणा के भिवानी की डिस्कस थ्रो खिलाड़ी हैं, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
2. सीमा कालीरमन ने ब्रॉन्ज किस इवेंट में जीता?
उन्होंने महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में 58.65 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल जीता।
3. सीमा कालीरमन की कहानी प्रेरणादायक क्यों है?
मां बनने के सिर्फ 11 महीने बाद उन्होंने दोबारा ट्रेनिंग शुरू की, कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई किया।