वर्ल्ड कप में नॉकआउट की दौड़ दिलचस्प हो गई है। ग्रुप A में मेक्सिको ने जगह पक्की कर ली है, पर एक स्थान के लिए 3 टीमों में टक्कर है। ग्रुप B में कोई भी टीम क्वालीफाई नहीं कर पाई है और आखिरी मैच निर्णायक होगा।

कैलिफोर्निया: वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज के मुकाबले अब आखिरी दौर में पहुंच गए हैं और नॉकआउट का गणित काफी दिलचस्प हो गया है। कुछ टीमों ने तो प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, लेकिन कई टीमों के लिए आखिरी मैच 'करो या मरो' वाला बन गया है। साथ ही, ग्रुप में तीसरे नंबर पर रहने वाली बेस्ट चार टीमों को भी अगले राउंड में जाने का मौका मिलेगा, जिससे मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है। आइए, ग्रुप ए और बी के नॉकआउट समीकरण पर एक नज़र डालते हैं।

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ग्रुप ए: मेक्सिको आगे, एक जगह के लिए तीन दावेदार

ग्रुप ए में सिर्फ मेक्सिको ने ही अब तक नॉकआउट में अपनी जगह पक्की की है। बाकी बची एक जगह के लिए तीन टीमों- साउथ कोरिया, चेक रिपब्लिक और साउथ अफ्रीका के बीच टक्कर है।

साउथ कोरिया: टीम फिलहाल दूसरे नंबर पर है। अगर साउथ कोरिया अपना अगला मैच साउथ अफ्रीका से जीत लेती है या ड्रॉ करा लेती है, तो वह दूसरे नंबर पर रहते हुए नॉकआउट में पहुंच जाएगी। लेकिन, अगर कोरिया साउथ अफ्रीका से हार जाती है और चेक रिपब्लिक अपने आखिरी मैच में मेक्सिको को हरा देती है, तो कोरिया ग्रुप में चौथे नंबर पर खिसककर टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी।

चेक रिपब्लिक: फिलहाल तीसरे नंबर पर मौजूद चेक रिपब्लिक को अगले मैच में मजबूत मेक्सिको को हराना ही होगा। साथ ही, उन्हें यह भी दुआ करनी होगी कि साउथ कोरिया अपना मैच हार जाए। तभी उनकी सीधे नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीद बनेगी।

साउथ अफ्रीका: साउथ अफ्रीका को अगले मैच में हर हाल में कोरिया को हराना होगा। साथ ही, यह भी जरूरी है कि चेक रिपब्लिक अपना आखिरी मैच न जीते। अगर साउथ अफ्रीका कोरिया को हरा देती है और चेक रिपब्लिक भी मेक्सिको को हराने में कामयाब हो जाती है, तो दोनों टीमों के 4-4 पॉइंट हो जाएंगे। ऐसे में, गोल डिफरेंस के आधार पर तय होगा कि नॉकआउट में जाने वाली दूसरी टीम कौन सी होगी।

ग्रुप बी: यहां तो मामला पूरी तरह फंसा है

ग्रुप बी का हाल तो पूरी तरह से उलझा हुआ है। दो मैच होने के बाद भी किसी भी टीम ने अब तक नॉकआउट के लिए क्वालिफाई नहीं किया है। फिलहाल कनाडा और स्विट्जरलैंड, दोनों के 4-4 पॉइंट हैं। वहीं, कतर और बोस्निया के एक-एक पॉइंट हैं। ग्रुप का आखिरी मैच ही तय करेगा कि कौन आगे जाएगा।

कनाडा और स्विट्जरलैंड: कनाडा का आखिरी मुकाबला स्विट्जरलैंड से है। अगर यह मैच ड्रॉ होता है, तो दोनों टीमों के 5-5 पॉइंट हो जाएंगे और दोनों साथ में नॉकआउट में पहुंच जाएंगी। अगर कनाडा यह मैच हार भी जाती है, तो भी +6 के बड़े गोल डिफरेंस की वजह से वह दूसरे नंबर पर रहकर प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच सकती है। स्विट्जरलैंड का भी यही हाल है; जीतने या ड्रॉ होने पर उनकी जगह पक्की है।

बोस्निया: बोस्निया के लिए दूसरे नंबर पर रहकर क्वालिफाई करना आसान नहीं है। उन्हें अपने आखिरी मैच में कतर को बड़े अंतर से हराना होगा। साथ ही, उनका गोल डिफरेंस कनाडा-स्विट्जरलैंड मैच में हारने वाली टीम से बेहतर होना चाहिए।

कतर: कतर की नॉकआउट उम्मीदें तो बस एक दूर की कौड़ी हैं। पहला काम तो बोस्निया को बड़े मार्जिन से हराना है। इसके साथ ही, अगर वे कनाडा-स्विस मैच में हारने वाली टीम से बेहतर गोल डिफरेंस रख पाते हैं, तो कोई चमत्कार हो सकता है और वे दूसरे नंबर पर आ सकते हैं। वरना, घर वापसी का टिकट पक्का है।