बिहार में NDA सरकार गठन से पहले BJP और JDU में खींचतान है। 6 विधायकों पर 1 मंत्री का फॉर्मूला तय है, पर स्पीकर पद पर मामला फंसा है। जिस दल को स्पीकर पद मिलेगा, उसका एक मंत्री कम होगा, इसलिए अहम मंत्रालयों पर भी रस्साकशी जारी है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में प्रचंड जीत के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में नई सरकार के गठन से पहले कैबिनेट का अंतिम फ़ॉर्मूला लगभग तय हो चुका है, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) की कुर्सी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बीच खामोश सियासी खींचतान जारी है। जदयू के वरिष्ठ नेता संजय झा सोमवार देर रात दिल्ली रवाना हुए हैं, जहाँ वह भाजपा नेतृत्व के साथ इन मुद्दों को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहे हैं।

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कैबिनेट बंटवारे का फॉर्मूला

सूत्रों के अनुसार, सत्ता का समीकरण इस बार बिल्कुल गणितीय अंदाज़ में बांधा गया है। मूल फॉर्मूला ये है कि हर 6 विधायकों पर 1 मंत्री बनाया जाए। ऐसे में BJP और JDU दोनों दलों से 15-15 मंत्री बनाए जाएंगे, जिसमें मुख्यमंत्री का पद शामिल नहीं होगा। लेकिन जिस भी दल को विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) का पद मिलेगा, उसके कोटे से एक मंत्री कम हो जाएगा। इसी कारण इस अहम कुर्सी को लेकर दोनों दलों के बीच सियासी लड़ाई जारी है।

स्पीकर पद पर आर-पार की स्थिति

स्पीकर की कुर्सी पर फिलहाल मामला फंसा हुआ है, और दोनों दलों के अपने-अपने तर्क हैं। JDU का तर्क है कि मुख्यमंत्री का पद हमारी पार्टी का है, इसलिए सदन की कमान भी हमारे पास ही होनी चाहिए। इसके अलावा, विधान परिषद का सभापति पद पहले से ही बीजेपी के पास है। वहीं बीजेपी इसे सत्ता संतुलन और संख्या बल के मद्देनज़र रणनीतिक रूप से अपने पास रखना चाहती है। पिछली विधानसभा में भी यह पद बीजेपी के पास था और इस बार भी वह इसे छोड़ने को तैयार नहीं है।

सहयोगी दलों का कैलकुलेशन

छोटे सहयोगी दलों को लेकर भी कैलकुलेशन सेट है।

  • LJP(R): अगर लोजपा (रामविलास) को डिप्टी सीएम का पद मिलता है, तो पार्टी को 2 मंत्री मिलेंगे। यदि यह पद नहीं मिला, तो 3 मंत्री दिए जाएंगे।
  • HAM और RLM: जीतन राम मांझी की पार्टी हम (HAM) और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो (RLM) से 1-1 मंत्री तय माने जा रहे हैं।

मंत्रालयों और शपथ ग्रहण पर खींचतान

स्पीकर की कुर्सी के अलावा, प्रमुख मंत्रालयों पर भी खींचतान जारी है। बीजेपी इस बार गृह, वित्त, स्वास्थ्य और सड़क निर्माण जैसे प्रभावशाली मंत्रालय चाहती है। जेडीयू ग्रामीण विकास, ऊर्जा, शिक्षा और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखना चाहती है। फिलहाल, डिप्टी सीएम का फॉर्मूला (माना जा रहा है कि बीजेपी दो डिप्टी सीएम बना सकती है) और मंत्रालयों का बंटवारा इन तीन मोर्चों पर खींचतान जारी है।

शपथ ग्रहण के लिए दो प्रस्तावों पर विचार चल रहा है। या तो सीएम, डिप्टी सीएम और 5-6 मंत्री पहले शपथ लें, या सीएम, दोनों डिप्टी सीएम और करीब 20 मंत्री एक साथ शपथ लें। बीजेपी सूत्रों के अनुसार, 19 नवंबर तक कैबिनेट सूची और शक्ति संतुलन पर औपचारिक मुहर लग जाएगी, जिसके बाद 20 नवंबर को गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा