बिहार के पूर्णिया में महागठबंधन की रैली के दौरान हुए कुछ वाकयों ने भी सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा। उधर, सीएम नीतीश कुमार मंच से सभा को संबोधित कर रहे ​थे। इधर, उसी दौरान शिक्षक अभ्यर्थी नारेबाजी कर रहे थे।

पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया में महागठबंधन की रैली के दौरान हुए कुछ वाकयों ने भी सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा। उधर, सीएम नीतीश कुमार मंच से सभा को संबोधित कर रहे ​थे। इधर, उसी दौरान शिक्षक अभ्यर्थी नारेबाजी कर रहे थे। रैली के बीच में हंगामा होता देख नीतीश कुमार भड़के भी। बहरहाल, यह रैली के दौरान हुए एक वाकये की तस्वीर थी।एक अन्य वाकये में रैली के बीच में ही युवा एक दूसरे से बहस कर रहे थे। एक गुट बीजेपी को अच्छा तो दूसरा खराब बता रहा था।

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युवाओं के दो गुट आएं आमने सामने

दूसरे वाकये में रैली के बीच में ही युवाओं के दो गुट आमने सामने आ गए। एक युवक का कहना था कि भाजपा सरकार बढिया काम कर रही है। पैसा आएगा, तभी काम होगा। केंद्र में भाजपा सरकार है। दूसरे युवक उसके विरोध में उतर आएं। उनका कहना था कि बीजेपी सरकार में बेरोजगारी बढी है। रैली में मौजूद कुछ महिलाओं ने भी प्रशासन को कोसते हुए कहा कि सरकार यहीं पर है, पर व्यवस्था नहीं है। फिर भी महिलाएं रैली को सफल बता रही थीं।

शिक्षक अभ्यर्थियों को फटकार

अभ्यर्थियों की मांग थी कि सातवें चरण की शिक्षक बहाली के लिए नोटिफिकेशन जारी की जाए। रंगभूमि मैदान में आयोजित रैली में नारेबाजी कर रहे अभ्यर्थियों को डांटते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि यहां क्यों आए हो। राज्य में शिक्षकों की बड़ी संख्या में बहाली होगी। तनख्वाह भी बढाई जाएगी। किसी के बहकावे में मत आओ। रोजगार बड़ी संख्या में मिलेगा। बोलने के दौरान प्रदर्शन करना गलत है। आपको बता दें कि बीते दिनों शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने कहा था कि शिक्षकों की भर्ती का प्रस्ताव शिक्षा महकमे ने बनाया है। उसे कैबिनेट को भेजा गया है। पर शुक्रवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में यह प्रस्ताव पारित नहीं हो सका था। बता दें कि महागठबंधन की रैली में मौजूद नेताओं ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला और 2024 में केंद्र की सत्ता से बीजेपी को हटाने का आवाहन किया।