छत्‍तीसगढ़ में शराबबंदी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बीते दिन सीएम भूपेश बघेल ने शराबंदी पर बयान देकर अपनी मंशा जाहिर कर दी थी। उन्होंने एक मिनट में शराबंदी करने की बात भी कहीं थी। इस मुद्दे पर सरकार को विपक्ष के तीखे तेवर भी झेलने पड़ रहे हैं।

बस्‍तर। छत्‍तीसगढ़ में शराबबंदी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बीते दिन सीएम भूपेश बघेल ने शराबंदी पर बयान देकर अपनी मंशा जाहिर कर दी थी। उन्होंने एक मिनट में शराबंदी करने की बात भी कहीं थी। इस मुद्दे पर सरकार को विपक्ष के तीखे तेवर भी झेलने पड़ रहे हैं। दूसरी तरफ राज्य के आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने साफ कह दिया है कि उनके रहते बस्तर में शराबबंदी नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि थोड़ी-थोड़ी शराब पीने से कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि ज्यादा मात्रा में पीने से नुकसानदायक होता है।

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मेहनत करने वालों के लिए शराब जरुरी

बस्तर के दौरे के दौरान आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कम शराब पीने और दवा की तरह इस्तेमाल के फायदे बताएं। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वालों और मजदूरों के लिए शराब जरुरी है। आदिवासियों की यह आवश्यकता है। बस्तर में शराबंदी नहीं होगी, जब तक वह जिंदा हैं। इस दौरान उन्होंने शराब की तारीफ भी की।

सीएम भूपेश बघेल ने दिया था ये बयान

बीते दिनों सीएम भूपेश बघेल ने कहा था कि शराबबंदी तब तक नहीं हो सकती, जब तक लोग शराब पीना नहीं छोड़ते हैं। सीएम बघेल के इस बयान के बाद विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हो गए थे। पूर्व सीएम रमन सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा था कि कांग्रेस सरकार अपने शराबबंदी के वादे से मुकर रही है। पूर्व सीएम रमन सिंह ने सरकार पर हमला करते हुए कहा था कि यह राज्य की महिलाओं का अपमान है। बहरहाल, इस मुद्दे पर राज्य की सियासत गरमा गई है। बीते शुक्रवार को ही भूपेश बघेल ने बिहार में शराबबंदी का जिक्र करते हुए बड़ा बयान दिया था। उन्होंने शराबंदी के बारे में बात की थी। यह भी कहा था कि राज्य में शराबंदी एक मिनट की जा सकती है। उनके बयान के बाद अब आबकारी मंत्री का शराबबंदी पर बयान आया है।