कानन पेंडारी जू में शनिवार को एक युवक शेर के पिंजरे में कूद गया। उस वक्त आसपास पर्यटकों की भीड़ थी। पर्यटकों के शोर मचाने पर चिड़ियाघर के गार्ड मौके पर पहुंचे। एक महिला रेंजर सुखबाई कंवर की बहादुरी से बड़ा हादसा टल गया।

बिलासपुर। कानन पेंडारी जू में शनिवार को एक युवक शेर के पिंजरे में कूद गया। उस वक्त आसपास पर्यटकों की भीड़ थी। पर्यटकों के शोर मचाने पर चिड़ियाघर के गार्ड मौके पर पहुंचे। एक महिला रेंजर सुखबाई कंवर की बहादुरी से बड़ा हादसा टल गया। युवक को छह मिनट के अंदर ही शेर के बाड़े से बाहर निकाल लिया गया। उसके पिता को फोन कर बुलाया गया। इस कारनामे के एवज में युवक को बड़ा जुर्माना भरना पड़ा।

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पर्यटकों ने मचाया शोर

कानन पेंडारी जू में शनिवार का दिन होने की वजह से पर्यटकों की भीड़ थी। दोपहर लगभग 12:45 बजे एक युवक ​शेर के पिंजरे के जाल को लांघते हुए बाड़े में घुस गया। यह देखकर मौजूद पर्यटक घबरा गए और शोर मचाने लगे। युवक पर शोर का असर नहीं पड़ रहा था। वह धीरे धीरे शेर की तरफ बढ रहा था।

छह मिनट में युवक को बाहर निकाला

पर्यटकों ने जू के सुरक्षा गार्ड को यह जानकारी दी तो चिड़ियाघर प्रबंधन में हड़कम्प मच गया। वह लोग भागकर पिंजरे के पास पहुंचे। मौजूद पर्यटकों का कहना है कि युवक जिस ओर से शेर की तरफ जा रहा था। शेर का चेहरे उसके विपरीत दिशा में था। इसीलिए शेर युवक को नहीं देख सका। बहरहाल, एक महिला ​डिप्टी रेंजर सुखबाई कवंर की सूझबूझ मौके पर काम आयी। वह काफी समय से चिड़ियाघर में ही तैनात हैं। इसीलिए जानवर उन्हें पहचानते हैं। उन्होंने शेर को आवाज दी और पिंजरे में जाने के लिए कहा। उसके बाद शेर पिंजरे में चला गया। फिर युवक को बाहर निकाला गया।

दस हजार रुपये भरना पड़ा जुर्माना

युवक की पहचान मगरपारा, आंबेडरकर नगर निवासी कुंतल भिमटे (36) के रूप में हुई है। उसके पिता को फोन करके बुलाया गया। पूरा मामला जानने के बाद युवक के पिता घबरा गए। उनके मुताबिक युवक की तबियत ठीक नहीं है। पर जू प्रबंधन ने इस अपराध के लिए युवक पर दस हजार का जुर्माना लगाया। उसके भुगतान के बाद ही युवक को छोड़ा गया।