Teacher Regularization Policy: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कोरकोमा शासकीय स्कूल में शिक्षकों की कमी पूरी होने से अब सभी कक्षाएं नियमित चल रही हैं, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल रही है। यह सब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की पहल से हो रहा है।

Chhattisgarh Education Policy : छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने MBBS सहित अन्य शिक्षालयों में हिंदी में शिक्षा देने की पहल की है, जिससे ग्रामीण छात्रों को गहराई से समझने का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशा-निर्देशन में लागू की गई शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीति प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस नीति के तहत अतिरिक्त और रिक्त पदों का संतुलन कर शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जा रही है

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कोरबा जिले के कोरकोमा मिडिल स्कूल बना उदाहरण

कोरबा जिले के कोरकोमा शासकीय स्कूल में शिक्षकों की कमी पूरी होने से अब सभी कक्षाएं नियमित चल रही हैं, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल रही है।पहले यहां शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई अधूरी रह जाती थी। कई दिनों तक क्लास भी नहीं लग पाती थी। लेकिन अब युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के बाद सभी कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, और सतत अध्यापन, अध्ययन कार्य व्यस्थित रूप से चल रही है।

मुख्यमंत्री की पहल से छात्रों का फ्यूचर खराब होने से बचा

प्रधानपाठक श्री गोपाल प्रसाद साव ने बताया कि दर्ज संख्या के अनुसार यहां दो शिक्षकों की कमी थी, जो अब पूरी हो गई है। नई पदस्थ शिक्षिकाओं ने आते ही तुरंत कक्षाएं लेना प्रारंभ कर दिया है। श्रीमती रत्नाकर अंग्रेजी पढ़ा रही हैं, जबकि श्रीमती निषाद सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और हिंदी विषय संभाल रही हैं। अभिभावकों का भी विद्यालय पर भरोसा बढ़ा रहा है। शासन की यह पहल शिक्षा के अधिकार को मजबूत करते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य का कोई भी बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे।