छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक कलयुगी बेटे ने अपने माता-पिता और दादी की हत्या कर दी। इतना ही नहीं तीनों शवों को बाथरूम में सैनेटाइजर छिड़क कर चिता जला दी। वजह यह थी कि वह पैसा और अनुकंपा नौकरी के चक्कर में इतना बड़ा हैवान बन गया।

रायपुर. किसी ने सही कहा...'बाप भला ना भैया और सबसे बड़ा रूपया' छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। जहां एक कलयुगी बेटा पैसा और अनुकंपा नौकरी मिलने के चक्कर में इतना बड़ा हैवान बन गया कि उसने अपने माता-पिता और दादी की हत्या कर दी। हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने तीनों शवों की चिता अपने ही घर में चुपचाप जला दीं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

शराब का नशा इतना चढ़ा कि मां-बाप को मार डाला।

दरअसल, यह शॉकिंग क्राइम महासमुंद जिले के सिघोड़ा थाने क्षत्र के पुटका गांव का है। जहां शिक्षक प्रभात भोई अपनी पत्नी सुलोचना भोई और मां 75 वर्षीय झरना भोई के साथ रहते थे। शिक्षक प्रभात भोई का एक बेटा एमबीबीएस डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा है तो दूसरा आरोपी बेटा उदित शराबी है। इसी शराबी बेटे उदित ने नशे के धुत्त में आकर तीनों हत्याएं कर दी। बता दें कि इसी महीने 7 मई को उदित की उसके माता-पिता से पैसों को लेकर विवाद हुआ था। तभी उसने दोनों के मर्डर करने की प्लानिंग कर दी।

बाथरूम में तीनों शवों पर सैनेटाइजर छिड़क दो दिन तक जलाई चिता

बता दें कि 7 मई की रात माता-पिता विवाद करने के बाद सो गए। लेकिन आरोपी बेटा उदित जाग रहा था, उसके मन में माता-पिता को मारने की योजना चल रही थी। रात करीब तीन बजे बिस्तर से उठा और हॉकी स्टिक से पहले पिता के सिर पर हमला किया। इसके बाद मां को मार डाला। जब दोनों के चीखने की आवाज सुनकर दादी नींद से जागी तो आरोपी ने उन पर भी हॉकी से हमला कर दिया। इस तरह तीनों की मौत हो गई। इसके बाद तीनों शवों को बाथरूम में छिपा दिया। फिर लाश पर सैनेटाइजर छिड़कर दो दिन तक तीनों लाशों को एक-एक करके जला दिया। आरोपी इतना बड़ा शातिर निकला की हत्या के 5 दिन बाद यानि 12 मई को पुलिस थाने पहुंचा और माता-पिता, दादी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करा दी।

एमबीबीएस बेटे ने ऐसे अपने आरोपी भाई को कराया गिरफ्तार

वहीं मामले की जांच कर रहे पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह छवाई ने बताया कि पहले तो 12 मई को आरोपी उदित भोई ने शिकायत की थी कि उसके पिता प्रभात भोई कहीं इलाज के लिए गए हैं और लौटे नहीं हैं। लेकिन दो दिन बाद आरोपी का बड़ा भाई जो रायपुर में डॉक्टरी की पढ़ रहा जब घर गया तो वहां उसे कोई नहीं मिला। घर पर सिर्फ ताला था। इसके बाद वो घर की बाउंड्री कूदकर गया तो अंदर खून के छींटे थे और बाथरूम में धुएं के निशान थे। आनन-फानन में वो पुलिस थाने पहुंचा और उसने बताया कि घर में खून के छींटे पड़े हैं। साथ ही माता-पिता, दादी और भाई उदित लापता हैं। इसके बाद मामले की की बारीकी से जांच की गई और मोबाइल लोकेशन के आधार पर उदित को हिरासत में लिया गया। आरोपी से जब पूछताछ की गई तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। हत्या के पीछे की वजह उसने पैसों और अनुकंपा नौकरी बताई।