दिल्ली विधानसभा ने एक बड़ा कदम उठाते हुए AI-पावर्ड लाइव ट्रांसलेशन सिस्टम का ट्रायल शुरू किया है। डिजिटल इंडिया के 'भाषिणी' डिवीजन को इसके लिए बुलाया गया है। इसका मकसद सदन की कार्यवाही को और असरदार और सुलभ बनाना है।

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला लिया। सदन की कार्यवाही के दौरान अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लाइव ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन का ट्रायल किया जाएगा। इसके लिए डिजिटल इंडिया के 'भाषिणी' (BHASHINI) डिवीजन को न्योता दिया गया है।

AI Technology से विधानसभा का कामकाज तेज और बेहतर बनाने की तैयारी

दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंदर गुप्ता ने एक बयान में बताया कि इस पहल का मकसद यह देखना है कि टेक्नोलॉजी की मदद से विधानसभा के कामकाज को कितना बेहतर और तेज बनाया जा सकता है।

क्या है BHASHINI? जानिए Digital India के भाषा प्लेटफॉर्म के बारे में

'भाषिणी' असल में नेशनल लैंग्वेज ट्रांसलेशन मिशन है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2022 में गुजरात के गांधीनगर में 'डिजिटल इंडिया वीक' के दौरान लॉन्च किया था। इसका मकसद देश के हर नागरिक तक डिजिटल सेवाओं और इंटरनेट को उनकी अपनी भाषा में पहुंचाना है, जिसमें बोलकर इस्तेमाल करने की सुविधा भी शामिल है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 'भाषिणी' अलग-अलग भाषाओं में सरकारी कामकाज को आसान बना रहा है और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा दे रहा है।

देश की विधानसभा में पहली बार BHASHINI Live Translation का पायलट

यह एक ऐतिहासिक मौका है, क्योंकि देश की किसी भी विधानसभा में पहली बार 'भाषिणी' के लाइव ट्रांसक्रिप्शन और ट्रांसलेशन सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। बयान के मुताबिक, यह कदम दिखाता है कि दिल्ली विधानसभा नई-नई टेक्नोलॉजी को अपनाने के लिए तैयार है, ताकि सदन की प्रक्रियाएं ज्यादा असरदार और सभी की पहुंच में हों।

Pilot Trial में AI Transcription और Translation की होगी जांच

बयान में आगे कहा गया है, "यह पायलट ट्रायल अभी मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा। सिस्टम के ट्रांसक्रिप्शन आउटपुट और उसके ओवरऑल परफॉर्मेंस को बारीकी से परखा जाएगा। ट्रायल के दौरान जो भी कमियां या दिक्कतें सामने आएंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। मिले फीडबैक के आधार पर इस सॉल्यूशन को दिल्ली विधानसभा की जरूरतों के हिसाब से और बेहतर बनाया जाएगा। इसके बाद ही इसे पूरी तरह से लागू करने पर कोई फैसला होगा। अगर यह पायलट ट्रायल सफल रहा, तो विधानसभा अपने दूसरे विभागों में भी ऐसे ही AI-सॉल्यूशंस को अपनाने पर विचार करेगी।"

BHASHINI की ताकत: 800+ सरकारी वेबसाइट और 8 अरब AI कमांड

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (DIC) का हिस्सा है। यह AI की मदद से भारत में कई भाषाओं में डिजिटल पहुंच को आसान बनाने वाला राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म है। आज 'भाषिणी' 800 से ज्यादा सरकारी वेबसाइटों को पावर दे रहा है, 8 अरब से ज्यादा AI कमांड प्रोसेस कर चुका है, और रोजाना 2 करोड़ से ज्यादा AI कमांड प्रोसेस करता है। यह 36 भारतीय टेक्स्ट भाषाओं, 23 भारतीय बोली जाने वाली भाषाओं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सपोर्ट करता है, जिससे लैंग्वेज AI के जरिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर ज्यादा सुलभ हो रहा है।