दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर इस वक्त बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जमकर मेहनत करती नजर आ रही है। हाल ही में बीजेपी ने अपना संकल्प पत्र जारी किया था, जिसको लेकर अरविंद केजरीवाल भड़कते दिखें।

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की चर्चा इस वक्त लोगों के बीच जबरदस्त तरीके से छाई हुई है। आम जनता को लुभाने के लिए बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जमकर मेहनत करती हुई नजर आ ऱही है। इसी संदर्भ में बीजेपी ने अपना संकल्प पत्र जारी किया था। इसका असर आम आदमी पार्टी पर जबरदस्त तरीके से होता हुआ दिखाई दिया। इस चीज को ध्यान में रखते हुए आम आदमी पार्टी ने चुनाव प्रचार का तरीका बिल्कुल बदल दिया है। अब पार्टी ने बीजेपी के सत्ता में आने से सुविधाएं छिन जाने का डर और आम आदमी पार्टी को सत्ता में लाने पर मुफ्त की सुविधाएं जारी रहने और नई मुफ्त सुविधाएं जिस बारे में वादा किया गया है उनके मिलने की उम्मीद दिखा रही है। अब आम आदमी पार्टी आम जनता को लुभाने के लिए बीजेपी के संकल्प पत्र में कमियां ढूंढ रही है। साथ ही बीजेपी नेताओँ के भाषणों से मतलब की बात निकालकर उसे प्रचारित करने का तरीका भी ढूंढ रही है।

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आम आदमी पार्टी अपने नये नारे और स्लोगन की बानगी देखें तो “बीजेपी आई तो जेब होगी खाली/आप आयी तो हर दिन दिवाली”, “मुफ्त की सुविधाएं चलती रहे सालोसाल, इसलिए लाएंगे केजरीवाल” जैसे नारे अब जोर पकड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। आम आदमी पार्टी लगातार ये कह रही है कि अगर आम आदमी पार्टी को वोट देते हैं तो महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये मिलेंगे, बुजुर्गों को मुफ्त और अनलिमिटेड इलाज मिलेगा, पुजारी-ग्रंथियों को हर महीने 18 हजार रुपये मिलेंगे, किरायेदार को मुफ्त बिजली-पानी मिलेगा, छात्रों को मुफ्त बस और मेट्रो में 50% की छूट मिलेगी। इसके अलावा आप लोगों के मन में ये भी डर डाल रही है कि यदि वो बीजेपी को वोट देते हैं तो महिलाओं की सम्मान राशि लागू नहीं होगी, बुजुर्गों के इलाज की कोई गारंटी नहीं होगी, महंगे बिजली-पानी से जीना मुश्किल होगा, बुजारी ग्रंथियों का कोई सम्मान नहीं करेगा, बसों में सफर महंगा होगा और शिक्षा बदहाल होगी।

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वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी ने अपने चुनाव प्रचार को आक्रामक बनाया है। इस बात को हम इस तरह से समझ सकते हैं कि अरविन्द केजरीवाल पर दो बार हमले हो चुके हैं। हमलावरों में बीजेपी नेता और प्रत्याशी परवेश वर्मा के कथित करीबी लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। आक्रामकता में भी सकारात्मकता हो सकती थी लेकिन चुनाव है और चुनाव में शायद इसकी जरूरत कम रह गयी हो। अब आम आदमी पार्टी ने बीजेपी की इस नकारात्मकता का भी फायदा उठाने का काम किया है।

परवेश वर्मा के एक बयान को आम आदमी पार्टी जोर-शोर से उठाने का काम कर रही है, जिसमे उन्होंने कहा, “हजारों की संख्या में यहां पे पंजाब के नंबर की गाड़ियां घूम रहीं। उनमें कौन लोग हैं। यहां पे 26 जनवरी को मनाने की तैयारी चल रही है। यहां पे वो क्या ऐसा बड़ा काम करने वाले हैं जिससे सुरक्षा को खतरा हो सकता है।“

आम आदमी पार्टी परवेश वर्मा के बयान को पंजाब विरोधी बताकर प्रचारित कर रही है। पंजाब के नंबर की गाड़ियों के घूमने से 26 जनवरी के दिन सुरक्षा व्यवस्था को खतरा है। ऐसा कहकर पंजाब के लोगों का अपमान किया गया है। उन्हें इस बहाने कथित तौर पर आतंकी बताया जा रहा है और यह पंजाब के लोगों के प्रति नफरती सोच को दिखाता है। आप पार्टी ऐसा करते हुए बीजेपी से आम जनता को दूर करने में जुटी हुई है। 

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जरूरतमंद और मुफ्त पढ़ाई पर पैनी नजर

आम आदमी पार्टी ने संकल्प पत्र की घोषणा करते हुए बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर के उस बयान का भी विरोध जताया है जिसमें वे यह कहते नज़र आए हैं कि बीजेपी सत्ता में आयी तो ‘जरूरतमंद’ बच्चों को केजी से पीजी तक की पढ़ाई मुफ्त कर देगी। इस बात पर केजरीवाल ने निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी ने मान लिया है कि वो सत्ता में यदि आएगी तो करीब 18 लाख बच्चों की मुफ्त पढ़ाई फ्री करेगी, जो उनकी सरकार में जारी है। पार्टी केवल जरूरतमंद को ही यह सुविधा देने वाली है। ऐसा करते हुए बीजेपी दिल्ली की जनता को अपने पीछे-पीछे घुमाने का काम करेगी।

फ्री बिजली के मुद्दे को आम आदमी पार्टी ने बीजेपी शासित राज्यों से तुलना करते हुए लोगों के बीच पेश करना शुरू कर दिया है। सरकार की तरफ से ये कहा जा रहै कि दिल्ली में 24 घंटे बिजली आती है। बीजेपी की 20 राज्यों में सरकार है। वहां पर 10-10 घंटे बिजली गायब रहती है। अगर गलती से भी कमल का बटन दबा दिया तो दिल्ली में भी यही हालत रहेगी।

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झुग्गियां बनी सियासत का अड्डा

अरविन्द केजरीवाल वोटरों को एक औऱ चीज से सामना करते हुए दिखाई दे रहे हैं। अगर आम जनता बीजेपी को वोट देती हैं तो वो आपकी झुग्गियां तोड़ देगी। इस वक्त दिल्ली में 20 लाख से ज्यादा लोग यहां पर रहते हैं। ऐसे में बीजेपी और आप के बीच इस चीज को लेकर घमासान मचा हुआ है। बीजेपी ने ‘जहां झुग्गी वहीं मकान’ का नारा दिया है। बीते पांच साल में 4 हजार लोगों को फ्लैट की चाबी भी केंद्र सरकार ने दी है। इस चीज का जवाब देते हुए अरविंद केजरीवाल शकूरबस्ती जाकर एक ऐसा मामला खोज निकाला जिसमें कथित तौर पर रेलवे ने झुग्गीवालों की जमीन का टेंडर कर रखा है। केजरीवा ने ये आरोप लगाया है कि बीजेपी पावर में आती है तो एक-एक झुग्गीवालों को जमीन से बेदखल कर देगी और यह जमीन अमीर उद्योगपतियों में बांट दी जाएगी।

रमेश बिधूड़ी की तीखी जुबान

इसके अलावा बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी की ज़ुबान पर धार देता अमित शाह का साथ वाले मुद्दे को भी केजरीवाल की सरकार उठा रही है।महिलाओं के अपमान वाला बयान रमेश बिधूड़ी ने दिया था जिसके लिए उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी है, वैसे बयानों को केंद्रीय नेतृत्व की शह हासिल है। कुल मिलाकर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी का डर दिखाना शुरू कर दिया है। वो किसी भी तरह से दिल्ली की कुर्सी बीजेपी या फिर कांग्रेस को नहीं देने वाली है।