दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने जन सेवा सदन में जनता की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा- जनता की चिंता हमारी जिम्मेदारी है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में आयोजित जनसुनवाई के दौरान राजधानी के अलग-अलग इलाकों से आए लोगों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने नागरिकों की समस्याएं सीधे सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के लिए जरूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि सरकार के दरवाजे जनता के लिए खुले हैं। लोगों की आवाज सीधे सुनी जाती है और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करना सरकार की कार्यशैली का हिस्सा है।
CM Rekha Gupta ने नागरिकों की समस्याएं सीधे सुनीं
जनसुनवाई के दौरान दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों से आए नागरिकों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं और शिकायतें रखीं। मुख्यमंत्री ने लोगों की बात सुनी और मौके पर मौजूद अधिकारियों को संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का उद्देश्य सिर्फ शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनके समाधान की दिशा में समयबद्ध तरीके से काम करना है। जनसुनवाई के जरिए आम लोगों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद कायम करने की कोशिश की जा रही है।
दिल्ली में मुख्यमंत्री की जनसुनवाई पहले भी अलग-अलग मौकों पर नागरिक शिकायतों के समाधान का माध्यम रही है। जनवरी 2026 में आयोजित एक जनसुनवाई के दौरान भी मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनी थीं और अधिकारियों को मामलों के त्वरित एवं समयबद्ध निपटारे के निर्देश दिए थे।
पेंशन से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक उठे हैं मुद्दे
पिछली जनसुनवाई में नागरिकों की ओर से पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुष्मान भारत योजना, संपत्ति और नियमितीकरण जैसे कई मुद्दे उठाए गए थे। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को मामलों की समीक्षा कर पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए थे।
इससे साफ है कि जनसुनवाई को दिल्ली सरकार केवल औपचारिक शिकायत मंच के तौर पर नहीं देख रही है। सरकार इसे नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं को प्रशासन तक सीधे पहुंचाने और विभागीय स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
'सरकार के दरवाजे जनता के लिए खुले हैं'- CM रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में जोर दिया कि नागरिकों की आवाज सीधे सुनी जाती है और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करना सरकार की कार्य संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली का हर नागरिक उनके परिवार का सदस्य है। नागरिकों की चिंता को अपनी चिंता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की जिम्मेदारी है।
यह संदेश ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दिल्ली सरकार की जनसुनवाई व्यवस्था को नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संपर्क मजबूत करने के एक माध्यम के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। नवंबर 2025 में भी मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई को जनता और प्रशासन के बीच दूरी कम करने तथा शासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने वाला मंच बताया था।
जनसुनवाई से शिकायत से समाधान तक पहुंचने पर दिल्ली सरकार का जोर
दिल्ली सरकार की ओर से जनसुनवाई में आने वाले मामलों पर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य यह है कि नागरिकों को अपनी समस्या के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी शिकायत संबंधित विभाग तक सीधे पहुंचे।
अगस्त 2026 में हुई जनसुनवाई के दौरान भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अलग-अलग मामलों के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने और शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, संपत्ति और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने की बात सामने आई थी।
दिल्ली में जवाबदेह और समयबद्ध शासन पर फोकस
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता लगातार जनसुनवाई के जरिए यह संदेश देती रही हैं कि नागरिकों की शिकायतों को केवल दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके समाधान तक प्रशासनिक स्तर पर फॉलो-अप भी जरूरी है। सरकार की इस व्यवस्था में मुख्यमंत्री के सामने सीधे समस्या रखने का विकल्प नागरिकों को मिलता है। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को मामले पर कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं। यही वजह है कि जनसुनवाई को सरकार की जवाबदेही और नागरिकों के साथ सीधे संवाद की व्यवस्था के तौर पर पेश किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने ताजा संदेश में भी इसी सोच को दोहराया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों की समस्याएं उनकी अपनी समस्याएं हैं और उनका समाधान सरकार की जिम्मेदारी है।


