दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 23 में आयोजित 'अद्वितीय रामलीला 2026' में एलजी तरणजीत सिंह संधू और सांसद रामवीर बिधूड़ी शामिल हुए। इस दौरान विराट कोहली के कोच राजकुमार शर्मा समेत कई खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।

नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरणजीत सिंह संधू और दक्षिणी दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी बुधवार को रोहिणी सेक्टर 23 पहुंचे। यहां वे सनातन संस्कारम सोसायटी की तरफ से आयोजित 'अद्वितीय रामलीला 2026' में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में भगवान राम के वनवास (वन गमन) का मंचन किया गया। इसके साथ ही अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों और कोचों को भी सम्मानित किया गया। रामलीला में भगवान राम के वन गमन का प्रसंग दिखाया गया। इसका मकसद लोगों को त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और पारिवारिक जिम्मेदारियों का महत्व समझाना था।

इस दौरान भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली के कोच और द्रोणाचार्य अवार्डी राजकुमार शर्मा को भी सम्मानित किया गया। उनके अलावा खेल में शानदार योगदान देने वाले कई अन्य दिग्गज खिलाड़ियों और कोचों का भी सम्मान हुआ।

दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री रवींद्र इंद्रराज सिंह ने कार्यक्रम में आने के लिए एलजी संधू का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा,

आयोजकों और कलाकारों के लिए संधू जी का यहां आना सम्मान की बात है। उनकी मौजूदगी ने भगवान राम के आदर्शों को समर्पित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम की अहमियत और बढ़ा दी है।

सिंह ने आगे कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में बड़े नेताओं के आने से आयोजकों और कलाकारों का हौसला बढ़ता है। इससे भारत की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और बढ़ावा देने की कोशिशों को भी ताकत मिलती है। वन गमन प्रसंग की अहमियत बताते हुए मंत्री ने कहा,

भगवान राम का जीवन हमें सच्चाई, त्याग, मर्यादा और कर्तव्य के प्रति समर्पण सिखाता है।

उन्होंने कहा कि यह प्रसंग लोगों को मुश्किल वक्त में भी अपने मूल्यों और जिम्मेदारियों पर डटे रहना सिखाता है। रवींद्र इंद्रराज सिंह के मुताबिक,

रामलीला सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है। यह हमारी भारतीय संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक बहुत जरूरी जरिया है।

उन्होंने सनातन संस्कारम सोसायटी की इस पहल की तारीफ की। उन्होंने इसे सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने और देश की परंपराओं को सहेजने की एक शानदार कोशिश बताया। आपको बता दें कि 'अद्वितीय रामलीला 2026' का आयोजन 9 से 20 अक्टूबर तक किया जा रहा है। इसमें रामायण के अलग-अलग प्रसंगों का मंचन हो रहा है। इस कार्यक्रम का मकसद भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और भगवान राम के आदर्शों को बढ़ावा देना है। साथ ही, समाज में नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक जागरूकता को मजबूत करना है।