दिल्ली मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत 123 खिलाड़ियों के लिए ₹9.75 करोड़ मंजूर किए गए हैं। एलीट खिलाड़ियों को ₹20 लाख तक की आर्थिक सहायता मिलेगी।
दिल्ली सरकार की मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता देने के लिए ₹9.75 करोड़ मंजूर किए गए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस योजना के तहत 123 खिलाड़ियों को सहायता दी जाएगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अधिकतम ₹20 लाख तक की आर्थिक मदद मिल सकेगी। इस पहल का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, खेल से जुड़ी जरूरी सुविधाओं और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए आर्थिक सहयोग देना है। स्कूल के मैदानों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंच तक पहुंचने का सपना देखने वाले खिलाड़ियों के लिए ऐसी सहायता अहम हो सकती है। खासकर उन खिलाड़ियों के लिए, जिनके सामने प्रतिभा और मेहनत के बावजूद संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती बन जाती है।
दिल्ली मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना से किन खिलाड़ियों को मिलेगा फायदा?
दिल्ली सरकार की ओर से मंजूर की गई इस राशि में 89 एलीट खिलाड़ी और 34 स्कूली स्तर के खिलाड़ी, यानी कुल 123 खिलाड़ी शामिल हैं। योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें अतिरिक्त खेल विधाओं को भी शामिल किया गया है, ताकि पारंपरिक खेलों के साथ आधुनिक खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को भी मदद मिल सके।
एलीट खिलाड़ियों को अधिकतम ₹20 लाख तक की सहायता देने का प्रावधान है। इस रकम का इस्तेमाल विशेष कोचिंग, आधुनिक खेल उपकरण, पोषण और प्रशिक्षण से जुड़े खर्चों के लिए किया जा सकता है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में इन खर्चों की अहम भूमिका होती है। सरकार की ओर से स्वीकृत कुल ₹9.75 करोड़ की राशि खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पहले चरण में मंजूर राशि का 60 प्रतिशत लाभार्थियों को सीधे हस्तांतरित किया जाना है।
स्कूल के खिलाड़ियों से एलीट एथलीट तक, योजना का उद्देश्य क्या है?
मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना का मकसद केवल पदक जीत चुके खिलाड़ियों को सम्मानित करना नहीं है। इसके तहत प्रतिभाशाली स्कूली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण में सहायता देने, खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने और खेल उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने की व्यवस्था की गई है।
दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय की योजना संबंधी जानकारी में प्रशिक्षण सहायता, प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए सहायता और उपलब्धियों की पहचान जैसे अलग-अलग घटक शामिल हैं। इससे स्कूली स्तर पर उभरती प्रतिभाओं और उच्च स्तर पर खेल रहे खिलाड़ियों, दोनों को सहयोग देने का ढांचा तैयार होता है।
खेल में आगे बढ़ने के लिए केवल प्रतिभा होना काफी नहीं है। खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास, अच्छे कोच, सही खानपान, उपकरण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए संसाधनों की जरूरत होती है। आर्थिक मदद इन जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है।
दिल्ली में ग्रासरूट खिलाड़ियों के लिए भी सहायता का प्रावधान
योजना के तहत जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए भी एक नई पहल की गई है। सितंबर 2026 में दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना में ग्रासरूट ट्रेनिंग सपोर्ट असिस्टेंस शुरू करने को मंजूरी दी थी। दिल्ली सरकार के खेल केंद्रों और स्टेडियमों में नियमित प्रशिक्षण लेने वाले पात्र खिलाड़ियों को इस घटक के तहत हर महीने ₹2,000 की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। इसमें अंडर-14, अंडर-17, अंडर-19 और अंडर-21 आयु वर्ग के खिलाड़ी शामिल हैं।
इस सहायता का इस्तेमाल पोषण, स्थानीय यात्रा, बुनियादी खेल उपकरण और चिकित्सा संबंधी जरूरतों पर किया जा सकता है। कम उम्र में खेल प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों के लिए यह मदद इसलिए भी अहम है, क्योंकि लगातार अभ्यास जारी रखने में छोटे-छोटे खर्च भी बाधा बन सकते हैं।
खिलाड़ियों को आवेदन और पात्रता की जानकारी कहां मिलेगी?
योजना के विभिन्न घटकों के लिए दिल्ली सरकार का शिक्षा निदेशालय समय-समय पर आवेदन संबंधी सूचनाएं और दिशा-निर्देश जारी करता है। पात्रता, जरूरी दस्तावेज, आवेदन की समयसीमा और सहायता की शर्तें संबंधित अधिसूचना के अनुसार तय होती हैं।
खिलाड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए दिल्ली शिक्षा विभाग की वेबसाइट देख सकते हैं:
- मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना: आधिकारिक पोर्टल
- दिल्ली शिक्षा विभाग: स्पोर्ट्स ब्रांच
ध्यान रहे कि ₹9.75 करोड़ की मंजूरी और 123 खिलाड़ियों से जुड़ी जानकारी को किसी नए आवेदन की शुरुआत या सभी खिलाड़ियों के लिए स्वतः मिलने वाली सहायता नहीं समझना चाहिए। आवेदन करने से पहले संबंधित घटक की पात्रता और मौजूदा अधिसूचना की जांच करना जरूरी है।








