दिल्ली के शालीमार बाग में CM रेखा गुप्ता ने 4 जनसुविधाओं का उद्घाटन किया। बच्चों के लिए शिशु वाटिका, नए टॉयलेट और अर्पण केंद्र शुरू हुए।
दिल्ली के शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में चार नई पहल की गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्षेत्र में चार अलग-अलग स्थानों पर विकसित जनसुविधाओं का उद्घाटन किया। इनमें बच्चों के लिए शिशु वाटिकाएं, स्वच्छ शौचालय और स्नान की सुविधा वाले जन सुविधा परिसर के साथ पुराने कपड़ों के पुन: उपयोग और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने वाला अर्पण केंद्र शामिल है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्थानीय निवासियों को उनके आसपास ही जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। खास बात यह है कि इन पहलों में बच्चों के मनोरंजन, सार्वजनिक स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे अलग-अलग पहलुओं को शामिल किया गया है।
शालीमार बाग में CM रेखा गुप्ता ने किया 4 सुविधाओं का उद्घाटन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र के चार स्थानों पर विकसित नागरिक सुविधाओं का उद्घाटन किया। इनमें नेहरू कैंप, हैदरपुर; जीपी सेवा बस्ती, पीतमपुरा; कस्तूरबा गांधी पॉलिटेक्निक, पीतमपुरा और एओ सेवा बस्ती शामिल हैं। सरकार की ओर से इन सुविधाओं को स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कहीं बच्चों के खेलने और लोगों के टहलने के लिए जगह बनाई गई है, तो कहीं सार्वजनिक शौचालयों और स्नान की व्यवस्था को बेहतर किया गया है। इसके अलावा कपड़ों के दान और रीसाइक्लिंग के लिए भी एक केंद्र शुरू किया गया है।
नेहरू कैंप और हैदरपुर में बनीं दो शिशु वाटिकाएं
नेहरू कैंप, हैदरपुर में दो शिशु वाटिकाओं का उद्घाटन किया गया। इन वाटिकाओं में बच्चों के खेलने के लिए प्ले एरिया बनाया गया है। साथ ही लोगों के टहलने के लिए वॉकिंग पाथ और बैठने के लिए भी व्यवस्था की गई है। शहरी बस्तियों में बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित जगह उपलब्ध होना काफी अहम है। ऐसी जगहें बच्चों को घरों से बाहर गतिविधियों में हिस्सा लेने का अवसर देती हैं। वहीं, वॉकिंग पाथ और बैठने की सुविधा से आसपास के दूसरे निवासियों को भी लाभ मिल सकता है।
पीतमपुरा की जीपी सेवा बस्ती में नया जन सुविधा कॉम्प्लेक्स
पीतमपुरा स्थित जीपी सेवा बस्ती में एक नए जन सुविधा कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया गया है। यहां लोगों के लिए साफ-सुथरे शौचालय और स्नान की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सार्वजनिक स्वच्छता से जुड़ी ऐसी सुविधाएं खासतौर पर उन इलाकों में महत्वपूर्ण हैं, जहां बड़ी आबादी रहती है और सभी घरों में निजी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं। नए परिसर का मकसद स्थानीय लोगों को साफ-सफाई से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं सुलभ कराना है।
कस्तूरबा गांधी पॉलिटेक्निक में शुरू हुआ अर्पण केंद्र
पीतमपुरा स्थित कस्तूरबा गांधी पॉलिटेक्निक में अर्पण केंद्र की शुरुआत भी इन चार परियोजनाओं का हिस्सा है। इस केंद्र के माध्यम से लोग अपने पुराने लेकिन इस्तेमाल करने योग्य कपड़े दान कर सकेंगे। इस पहल के तहत पुराने कपड़ों का दोबारा उपयोग और रीसाइक्लिंग कर उनसे नई उपयोगी वस्तुएं तैयार करने को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका उद्देश्य कपड़ों की बर्बादी कम करना और उपयोगी संसाधनों को दोबारा इस्तेमाल में लाना है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। अक्सर घरों में ऐसे कपड़े जमा रहते हैं, जिनका इस्तेमाल लोग खुद नहीं करते, लेकिन वे किसी दूसरे के काम आ सकते हैं। अर्पण केंद्र के जरिए ऐसे कपड़ों को एक उपयोगी माध्यम मिल सकेगा।
एओ सेवा बस्ती में पुराने जन सुविधा परिसर का नवीनीकरण
शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र की एओ सेवा बस्ती में पहले से मौजूद जन सुविधा कॉम्प्लेक्स का नवीनीकरण किया गया है। यहां स्वच्छता से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाया गया है, ताकि स्थानीय लोगों को पहले के मुकाबले अधिक सुविधाजनक व्यवस्था मिल सके। इस तरह क्षेत्र में एक नया जन सुविधा परिसर बनाने के साथ-साथ पुराने परिसर को भी अपग्रेड किया गया है। दोनों परियोजनाओं का फोकस सार्वजनिक स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं तक लोगों की पहुंच बेहतर करना है।
शालीमार बाग में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर
शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए पहले भी कई परियोजनाओं पर काम किया गया है। मुख्यमंत्री की आधिकारिक विधानसभा क्षेत्र संबंधी जानकारी के मुताबिक, यहां सात वाटर एटीएम, अटल कैंटीन और आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसी सुविधाओं से जुड़े काम भी किए गए हैं। क्षेत्र में 15 आरोग्य मंदिरों की योजना बनाई गई थी, जिनमें से सात के संचालन की जानकारी दी गई है।
ताजा उद्घाटन में भी इसी तरह की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। बच्चों के लिए खेलने की जगह, बस्तियों में शौचालय और स्नान की सुविधा तथा पुराने कपड़ों के पुन: उपयोग की व्यवस्था जैसे काम सीधे स्थानीय लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े हैं। दिल्ली सरकार की इन पहलों का असर किस स्तर तक पहुंचता है, यह आने वाले समय में इन सुविधाओं के रखरखाव और नियमित संचालन से भी तय होगा। खासकर जन सुविधा परिसरों में साफ-सफाई बनाए रखना और अर्पण केंद्र में दान किए गए कपड़ों का व्यवस्थित पुन: उपयोग सुनिश्चित करना अहम रहेगा।






