कॉकरोच जनता पार्टी की प्रस्तावित तिरंगा रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस में सुरक्षा कड़ी कर दी है। ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है और बिना इजाजत भीड़ जुटाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुक्रवार को होने वाली 'तिरंगा रैली' से पहले दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है। सेंट्रल पार्क के गेट नंबर 1 के अंदर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, पालिका बाजार के गेट नंबर 2 के पास सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। CJP के 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन पर डीसीपी स्पेशल सेल नारा चैतन्य ने कहा,

हमने सारे इंतजाम कर लिए हैं। हम सुनिश्चित करेंगे कि शांति बनी रहे। फिलहाल आप देख सकते हैं कि हालात पूरी तरह सामान्य और शांतिपूर्ण हैं।

दिल्ली पुलिस ने दोपहर 3 बजे से कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू कर दिया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 'X' पर लिखा, "16.10.2026 को नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में भीड़ जुटने की संभावना है। इसके चलते दोपहर 3 बजे से कनॉट प्लेस और आसपास के रास्तों पर ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपना सफर इसी हिसाब से प्लान करें, एक्स्ट्रा समय लेकर चलें और हो सके तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। हालात के हिसाब से ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जा सकता है।"

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पुलिस ने 16 अक्टूबर के इस प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर अभिजीत दीपके को एक नोटिस भी जारी किया है। इस नोटिस में पब्लिक सेफ्टी, ट्रैफिक जाम और कानून-व्यवस्था का हवाला दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर शाम 5 बजे कनॉट प्लेस में जुटने की अपील की गई थी, जबकि इस प्रदर्शन के लिए कोई कानूनी इजाजत नहीं ली गई है। नोटिस में बताया गया है कि कनॉट प्लेस एक बेहद व्यस्त कमर्शियल इलाका है। यहां आने-जाने के रास्ते सीमित हैं, जिससे भीड़ को संभालने और इमरजेंसी में लोगों को बाहर निकालने में दिक्कत आ सकती है। पुलिस को यह भी डर है कि इस भीड़ से कारोबारी गतिविधियां ठप हो सकती हैं और वहां काम करने वालों की रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है।

नोटिस में राजीव चौक मेट्रो स्टेशन का भी जिक्र है। यह स्टेशन ब्लू और येलो लाइन को जोड़ता है और यहां रोज करीब 2 लाख यात्रियों की आवाजाही होती है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भीड़ बढ़ने से अफरातफरी मच सकती है और भगदड़ का खतरा पैदा हो सकता है। इसके अलावा, पुलिस ने सेंट्रल दिल्ली के ट्रैफिक, अस्पतालों तक पहुंचने के रास्तों और संसद, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट व डिप्लोमैटिक इलाकों के करीब होने की वजह से सुरक्षा चिंताओं का भी हवाला दिया है।

नोटिस में कॉकरोच जनता पार्टी के पिछले प्रदर्शनों की भी याद दिलाई गई है। पुलिस का आरोप है कि तब भी शर्तों का उल्लंघन हुआ था और संसद की तरफ मार्च करने की कॉल के बाद हिंसा और सरकारी व निजी संपत्ति का नुकसान हुआ था। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए पुलिस ने साफ किया है कि नियम तोड़ने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 और अन्य कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई होगी।

दिल्ली पुलिस एक्ट, 1978 की धारा 29 से 33 के तहत, नोटिस में अभिजीत दीपके को निर्देश दिया गया है कि वे इस इलाके में कोई प्रदर्शन, जुलूस या रैली न निकालें। साथ ही, हथियार के तौर पर इस्तेमाल हो सकने वाली कोई भी चीज लाने या लाउडस्पीकर बजाने पर भी रोक है। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के 'मजदूर किसान शक्ति संगठन बनाम भारत संघ' केस के फैसले का भी जिक्र किया। इसमें कहा गया है कि पब्लिक प्रदर्शनों के दौरान ट्रैफिक, लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का ध्यान रखना जरूरी है।

नोटिस के आखिर में साफ कहा गया है कि कनॉट प्लेस प्रदर्शन के लिए तय की गई जगह नहीं है। पुलिस ने दीपके को कानून का पालन करने का निर्देश देते हुए कहा कि तय जगहों पर प्रदर्शन के लिए भी पहले से इजाजत लेना जरूरी है।