दिल्ली की हवा में इस साल बड़ा सुधार दिखा है। 17 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली ने 211 दिन साफ हवा दर्ज की है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसे बड़ी कामयाबी बताया, लेकिन सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने की चेतावनी भी दी है।
नई दिल्ली। दिल्ली ने अपनी हवा को साफ करने की दिशा में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। 17 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली में 211 दिन हवा का स्तर 'अच्छा', 'संतोषजनक' और 'मध्यम' दर्ज किया गया। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि कोविड वाले साल 2020 को छोड़ दें, तो 2016 के बाद से यह दिल्ली का सबसे शानदार प्रदर्शन है। सिरसा ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि साल खत्म होने में अभी दो महीने से ज्यादा का वक्त बचा है। इसके बावजूद दिल्ली ने पिछले कई सालों के पूरे साल के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले 2025 में 200 दिन, 2024 में 209 दिन, 2023 में 206 दिन, 2018 में 159 दिन और 2016 में 110 दिन साफ हवा दर्ज की गई थी।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए एक ठोस और नतीजे देने वाली रणनीति अपनाई है। अलग-अलग एजेंसियों और स्टेकहोल्डर्स की लगातार मेहनत का ही असर है कि अब पॉजिटिव नतीजे दिखने लगे हैं। सिरसा ने कहा,
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने साफ हवा को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाया है। इस साल दिल्ली में अब तक 211 दिन हवा साफ रही है, जबकि 2016 में इसी दौरान सिर्फ 110 दिन ही हवा साफ थी। 101 दिनों का यह सुधार एक बड़ी उपलब्धि है। यह सरकारी एजेंसियों, संस्थानों और दिल्ली के लोगों की सामूहिक मेहनत का नतीजा है।
मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि 'खराब', 'बहुत खराब' और 'गंभीर' हवा वाले दिनों की संख्या में भी भारी कमी आई है। 2016 में ऐसे 168 दिन थे, जो 2026 में घटकर सिर्फ 79 रह गए हैं। सिरसा ने कहा कि ये नए आंकड़े दिल्ली की हवा में हो रहे सुधार को दिखाते हैं। इससे प्रदूषण कंट्रोल करने के लिए सरकार के वैज्ञानिक और लगातार किए जा रहे प्रयासों पर मुहर लगती है। उन्होंने कहा,
2026 खत्म होने से पहले ही दिल्ली का पिछले कई सालों के पूरे साल के आंकड़ों को पार कर लेना बहुत उत्साह बढ़ाने वाला है। यह साबित करता है कि अगर लगातार कोशिशें की जाएं, वैज्ञानिक तरीके अपनाए जाएं, सख्त निगरानी हो और जनता का साथ मिले, तो बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने इस सुधार के लिए सभी विभागों, लागू करने वाली एजेंसियों, एन्फोर्समेंट टीमों, वैज्ञानिक संस्थानों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), मार्केट एसोसिएशन, इंडस्ट्रीज, कॉर्पोरेट और आम नागरिकों का शुक्रिया अदा किया। सिरसा ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ने हमेशा प्रदूषण को किसी एक संस्था की जिम्मेदारी मानने के बजाय, पूरी सरकार और पूरे समाज को साथ लेकर चलने पर जोर दिया है।
पर्यावरण मंत्री ने दावा किया कि दिल्ली सरकार कई कदम उठा रही है। इनमें सड़कों की मैकेनाइज्ड सफाई, पानी का छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन की तैनाती, सड़कों का सुधार, कंस्ट्रक्शन साइट्स पर धूल कंट्रोल करना, इंडस्ट्रियल एमिशन की सख्त निगरानी, खुले में कूड़ा जलाने पर रोक और इलेक्ट्रिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना शामिल है। उन्होंने बताया कि हाल ही में शुरू हुआ AI-बेस्ड इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) रियल-टाइम प्रदूषण निगरानी, एजेंसियों के बीच तालमेल, शिकायत निवारण और सख्त कार्रवाई को मजबूत कर रहा है।
सरकार ने ग्राउंड लेवल पर इंस्पेक्शन और जवाबदेही भी तय की है ताकि सभी सरकारी और प्राइवेट एजेंसियां प्रदूषण कंट्रोल के नियमों का पालन करें। मंत्री ने साफ किया कि पर्यावरण नियमों की अनदेखी करने पर किसी भी एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा। सिरसा ने कहा कि जनता की भागीदारी सरकार की रणनीति का एक अहम हिस्सा है। लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं और RWA, मार्केट एसोसिएशन व शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।
इन अच्छे नतीजों पर खुशी जताते हुए पर्यावरण मंत्री ने आगाह भी किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के प्रदूषण कंट्रोल प्रयासों का असली इम्तिहान आने वाली सर्दियों में होगा। सर्दियों में मौसम की खराब स्थिति और हवा की धीमी रफ्तार के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है। सिरसा ने कहा,
हम इस सुधार से खुश हैं, लेकिन यह शांत बैठने का वक्त नहीं है। असली चुनौती तो अब सामने है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के निर्देश पर हम पहले ही एक विंटर एक्शन प्लान और बचाव के प्रोटोकॉल की घोषणा कर चुके हैं। हमारा फोकस इस बात पर है कि अब तक जो हासिल किया है, उसे सख्त नियमों और सभी के सहयोग से बरकरार रखा जाए।
मंत्री ने नागरिकों, इंडस्ट्रीज, संस्थानों, सरकारी दफ्तरों और कमर्शियल प्रतिष्ठानों से अपील की कि वे सरकार के विंटर पॉल्यूशन-कंट्रोल प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें। उन्होंने खास तौर पर कंपनियों से अपील की कि वे जहां तक संभव हो 'वर्क फ्रॉम होम' को बढ़ावा दें, ऑफिस की टाइमिंग में बदलाव करें, कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। उन्होंने लोगों से मेट्रो और इलेक्ट्रिक बसों का इस्तेमाल करने, गाड़ियों का PUC सर्टिफिकेट अपडेट रखने और खुले में कूड़ा न जलाने की भी अपील की।
RWA और मार्केट एसोसिएशन से खास गुजारिश की गई कि वे सर्दियों में गार्ड्स और सफाई कर्मचारियों के लिए अलाव के बजाय इलेक्ट्रिक हीटर का इंतजाम करें। सिरसा ने कहा,
मैं हर RWA, मार्केट एसोसिएशन, कॉर्पोरेट और नागरिक से इस मुहिम में जुड़ने की अपील करता हूं। कृपया सुनिश्चित करें कि कोई कूड़ा न जलाया जाए, कंस्ट्रक्शन की धूल कंट्रोल में रहे और साफ ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल हो। लाखों नागरिकों के छोटे-छोटे कदम बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
मंत्री ने पूरे नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में तालमेल की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण एक बड़े इलाके की समस्या है, जिसके लिए पड़ोसी राज्यों और एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार पूरी सर्दियों में ग्राउंड मॉनिटरिंग, सख्त कार्रवाई और जागरूकता अभियान जारी रखेगी। अंत में उन्होंने कहा,
हमारा मकसद सिर्फ अच्छे दिनों का जश्न मनाना नहीं है, बल्कि ऐसे दिनों की संख्या बढ़ाना और दिल्ली की हवा में स्थायी सुधार लाना है।
दिल्ली सरकार ने दोहराया कि अब तक का सुधार उत्साहजनक है, लेकिन आने वाले महीनों की चुनौतियों से निपटने के लिए विंटर एक्शन प्लान का सख्ती से पालन और जनता की भागीदारी बहुत जरूरी होगी। (ANI)








