दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दशहरे को लेकर एडवाइजरी जारी की है। मंगलवार को रावण दहन और रामलीला के चलते ईस्ट दिल्ली समेत कई इलाकों में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। इसे देखते हुए शाम 5 से 8 बजे तक कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा।
नई दिल्ली। मंगलवार को होने वाले दशहरा समारोह के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। इसके साथ ही पूरी राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि मुख्य सड़कों, खासकर ईस्ट दिल्ली में जाम लग सकता है और कई रूट डायवर्ट किए गए हैं। एडवाइजरी के मुताबिक, ईस्ट दिल्ली की मुख्य सड़कों पर शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक जरूरत के हिसाब से ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा। दरअसल, त्योहार के दौरान गाड़ियों और पैदल चलने वालों की भारी भीड़ होने की उम्मीद है।
राजधानी के कई हिस्सों, खासकर ईस्ट और वेस्ट दिल्ली में भारी भीड़ जुटने का अनुमान है। यहां बड़ी रामलीलाएं होती हैं और रावण दहन के कार्यक्रम तय हैं। ट्रैफिक एडवाइजरी में कहा गया है, "20.10.2026 को दशहरा समारोह और ईस्ट दिल्ली इलाके में भारी भीड़ की उम्मीद को देखते हुए, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, दर्शकों और पैदल चलने वालों के आने की संभावना है। इस दौरान ट्रैफिक जाम और गाड़ियों की धीमी रफ्तार देखने को मिल सकती है।"
जिन प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन का असर पड़ने की संभावना है, उनमें NH-24, विकास मार्ग, रोड नंबर 57, रोड नंबर 57A और रोड नंबर 56 शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने आम जनता को सलाह दी है कि शाम के पीक आवर्स में ईस्ट दिल्ली जाने से बचें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। अपने सफर के लिए थोड़ा एक्स्ट्रा समय लेकर चलें और गाड़ियों को सिर्फ तय पार्किंग में ही खड़ी करें। पुलिस ने साफ किया है कि सड़क किनारे अवैध पार्किंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके अलावा, भीड़भाड़ वाले इलाकों में गाड़ी की रफ्तार धीमी रखने की भी सलाह दी गई है।
<br>इस बीच, डीसीपी (वेस्ट डिस्ट्रिक्ट) हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि जिले भर में कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि 43 जगहों पर हो रही रामलीला और 16 जगहों पर चल रही दुर्गा पूजा में पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा,</p><div type="dfp" position=3>Ad3</div><blockquote><p>जिले में 43 जगहों पर रामलीला और 16 जगहों पर दुर्गा पूजा मनाई जा रही है। पिछले नौ दिनों से इन सभी जगहों पर पुलिसकर्मी तैनात हैं। कल दशहरे के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और हमें CAPF (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) का भी सहयोग मिला है। सुरक्षा व्यवस्था में मदद के लिए उन्हें कल अतिरिक्त बाहरी बल के रूप में तैनात किया जाएगा।<br></p></blockquote><p>जॉइंट सीपी सुमन गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि वीआईपी मूवमेंट और भारी भीड़ की उम्मीद के चलते पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। उन्होंने बताया कि त्योहार के बीच वीआईपी मूवमेंट को आसान बनाने और आम जनता को कोई परेशानी न हो, इसके लिए खास इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा,</p><p>‘भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है और यह कार्यक्रम पूरी वेस्टर्न रेंज में कई जगहों पर हो रहा है। इसे देखते हुए और भीड़ व स्थिति की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उचित इंतजाम किए गए हैं। द्वारका जिले और अन्य इलाकों में वीआईपी का भी काफी मूवमेंट रहेगा, इसलिए विशेष व्यवस्था की गई है। पुलिस विभाग की कई जिम्मेदारियां हैं, जैसे अपराध को कंट्रोल करना, यह सुनिश्चित करना कि जनता को कोई असुविधा न हो और पूरा त्योहार शांतिपूर्ण व सुचारू रूप से संपन्न हो। यही हमारा मुख्य उद्देश्य है।’<br></p><div type="dfp" position=4>Ad4</div><p>सेंट्रल रेंज के डीसीपी ट्रैफिक के रमेश ने बताया कि पिछले 10 दिनों से विशेष ट्रैफिक इंतजाम लागू हैं। दशहरे को देखते हुए रमेश ने कहा कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस उन इलाकों में पूरी तरह से तैनात है जहां भारी भीड़ की उम्मीद है, जैसे हनुमान मंदिर और दिल्ली गेट। उन्होंने कहा,</p><blockquote><p>हमारी सेंट्रल रेंज में रामलीला के लिए विशेष ट्रैफिक व्यवस्था है, जो पिछले 10 दिनों से लागू है क्योंकि रामलीला चल रही है। कल हमें भारी भीड़ की उम्मीद है और इसके अलावा वीआईपी मूवमेंट भी होगा। हमारा स्टाफ हनुमान मंदिर और दिल्ली गेट जैसे नजदीकी चौराहों पर पूरी तरह से तैनात है। वे यहां आसपास भी मौजूद रहेंगे, ताकि लोगों को वहां पहुंचने में कोई परेशानी न हो। हमारा स्टाफ ट्रैफिक में मदद करने और लोगों का मार्गदर्शन करने के लिए भी मौजूद रहेगा।<br></p></blockquote><p>दशहरा, जिसे विजयदशमी भी कहा जाता है, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम ने इसी दिन रावण को हराया था, जिससे रावण के पुतले जलाने की परंपरा शुरू हुई। यह त्योहार नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि उत्सव के समापन का भी प्रतीक है।</p>








