दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को डीयू के महिला कॉलेजों की प्रिंसिपल्स और पुलिस अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान छात्राओं की सुरक्षा, ई-रिक्शा की मनमानी, डार्क स्पॉट्स और पुलिस पेट्रोलिंग जैसे कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई और जरूरी निर्देश दिए गए।

नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के महिला कॉलेजों की प्रिंसिपल्स के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में डीयू के वाइस चांसलर (VC) और कई बड़े अधिकारी भी शामिल हुए। इनमें स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी, डीसीपी, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, एमसीडी के एडिशनल कमिश्नर और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर-इन-चीफ मौजूद थे। बैठक का मुख्य एजेंडा कॉलेज कैंपस और उसके आसपास छात्राओं की सुरक्षा को पुख्ता करना था। 

प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस बैठक में एलएसआर (LSR), लेडी इरविन, मिरांडा हाउस, दौलत राम, जीसस एंड मैरी, लक्ष्मीबाई, माता सुंदरी, गार्गी, इंद्रप्रस्थ और जानकी देवी कॉलेज की प्रिंसिपल्स ने हिस्सा लिया।

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 <br>बैठक की शुरुआत में एलजी ने प्रिंसिपल्स, डीन और डीयू के वीसी से उनकी समस्याएं बताने को कहा। उन्होंने सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर चिंताएं सामने रखीं। सबसे बड़ी परेशानी ई-रिक्शा, ऑटो और टैक्सियों की मनमानी को लेकर थी, जो जबरन सवारियां बैठाते हैं और कॉलेज के गेट जाम कर देते हैं। इसके अलावा लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की कमी, फुटपाथ पर अतिक्रमण, अवैध वेंडिंग, अंधेरे वाले इलाके (डार्क स्पॉट्स), कैंपस के पास असुरक्षित पार्क और पब्लिक टॉयलेट, अश्लील हरकतें (फ्लैशिंग), और ज्यादा पिंक बूथ व पेट्रोलिंग की जरूरत जैसे मुद्दे उठाए गए।<br></p><p>इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर एलजी ने पीडब्ल्यूडी और एमसीडी को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रास्तों से डार्क स्पॉट्स खत्म करने के लिए स्ट्रीट लाइटें ठीक की जाएं और हाई मास्ट लाइटें लगाई जाएं। बस स्टॉप और सार्वजनिक जगहों पर पर्याप्त रोशनी और सीसीटीवी कैमरे सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कॉलेज की बाहरी दीवारों से आपत्तिजनक भित्तिचित्र (ग्रैफिटी) हटाए जाएं। साथ ही, विजिबिलिटी सुधारने के लिए कैंपस के आसपास उगी झाड़ियों को साफ किया जाए।&nbsp;<br></p><div type="dfp" position=3>Ad3</div><p>पुलिसिंग पर बात करते हुए एलजी ने कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों और सुनसान रास्तों के आसपास पेट्रोलिंग, पीसीआर तैनाती और पिकेट चेकिंग बढ़ाने को कहा। खासकर सुबह और शाम के वक्त इस पर ज्यादा ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके अलावा, ट्रेंड स्टाफ वाले पिंक बूथ स्थापित करने को भी कहा गया।<br></p><p>एलजी ने निर्देश दिया कि कॉलेज परिसरों और उन जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए जहां महिलाओं और छात्राओं की भीड़ ज्यादा होती है। हर कॉलेज के लिए एक डेडिकेटेड नोडल पुलिस अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो छेड़छाड़, अश्लील हरकतों और सुरक्षा से जुड़ी अन्य शिकायतों पर तुरंत एक्शन ले। इसके लिए सादे कपड़ों में निगरानी और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम भी तैयार किया जाए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों के आसपास के इलाकों का सेफ्टी ऑडिट करने और कॉलेज के पास खड़ी उन बसों को हटाने का निर्देश दिया, जो रास्ता रोकती हैं और सुनसान जगह बनाती हैं।&nbsp;<br></p><p>एमसीडी को निर्देश देते हुए एलजी ने कहा कि कॉलेजों के आसपास से अवैध अतिक्रमण और स्ट्रीट वेंडर्स को हटाया जाए। कॉलेज की बाउंड्री वॉल से सटे पुरुषों के पब्लिक टॉयलेट और अवैध टैक्सी स्टैंड हटाए जाएं। साथ ही, कैंपस के पास मौजूद एमसीडी ढलाव (कूड़ा घर) को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए, क्योंकि वहां कूड़ा बीनने वाले और असामाजिक तत्व इकट्ठा होते हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज के पास मौजूद उन पार्कों को सुरक्षित किया जाए जहां अक्सर लोग शराब पीते हैं या नशा करते हैं। कॉलेजों के आसपास के फुटपाथ सुरक्षित रखे जाएं और वहां वेंडर्स या गाड़ियों का कब्जा न हो।<br></p><div type="dfp" position=4>Ad4</div><p>ट्रांसपोर्ट के मुद्दे पर एलजी ने कॉलेजों से मेट्रो स्टेशनों तक कनेक्टिविटी बेहतर करने को कहा। इसमें शाम के वक्त शटल सर्विस, यू-स्पेशल बसें और मेट्रो फीडर बसें चलाना शामिल है। ई-रिक्शा और ऑटो-रिक्शा के लिए तय पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ पॉइंट बनाए जाएं और ड्राइवरों की बदतमीजी की शिकायत के लिए एक स्पष्ट सिस्टम तैयार किया जाए। उन्होंने पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) को मिलकर छात्राओं के लिए नियमित सेल्फ-डिफेंस प्रोग्राम, जेंडर सेंसिटाइजेशन वर्कशॉप और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।<br></p><p>एलजी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी और उच्च शिक्षा विभाग से कहा कि वे सरकारी आवासों को हॉस्टल के रूप में इस्तेमाल करने पर विचार करें। नॉर्थ और साउथ कैंपस के कॉलेजों को मिलाकर एक इंटर-कॉलेज महिला सुरक्षा समिति बनाई जाए, ताकि वे अपनी समस्याएं साझा कर सकें और संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल बिठा सकें। उन्होंने एक स्टूडेंट सेफ्टी ऐप बनाने का भी निर्देश दिया, जिसमें इमरजेंसी अलर्ट, जीपीएस लोकेशन शेयरिंग और रियल-टाइम रिपोर्टिंग की सुविधा हो। साथ ही, कॉलेज इलाकों में बिना रुकावट मोबाइल नेटवर्क सुनिश्चित करने को कहा गया।&nbsp;<br></p><p>यह बैठक एलजी द्वारा पिछले कुछ दिनों में राजधानी की युवा महिलाओं से सीधे जुड़ने की कोशिशों का हिस्सा है। हाल ही में एलजी ने दौलत राम कॉलेज का अचानक दौरा किया था और छात्राओं से कैंपस सुरक्षा व उनकी रोजमर्रा की परेशानियों पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि छात्राओं से मिलने वाला सीधा फीडबैक जमीनी हकीकत समझने में मदद करता है। सुरक्षित रास्ते, अच्छी रोशनी और शिक्षण संस्थानों के आसपास सुरक्षित माहौल बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।<br></p><p>इसी तरह इंद्रप्रस्थ कॉलेज के एक औचक दौरे में एलजी ने छात्राओं से महिला सुरक्षा पर उनकी चिंताएं और उम्मीदें सुनी थीं। उन्होंने छात्राओं से कहा था कि दिल्ली एक ऐसा शहर होना चाहिए जहां हर महिला और लड़की बिना किसी डर के रह सके, पढ़ सके, काम कर सके और आजादी से घूम सके।<br></p><p>रिलीज के मुताबिक, एलजी ने शुक्रवार (25 सितंबर) को मुख्य सचिव और डीसीपी (नॉर्थ) के साथ दिल्ली यूनिवर्सिटी के पास नॉर्दर्न रिज में बोंटा पार्क का औचक निरीक्षण भी किया था। इसका मकसद जमीनी सुरक्षा, लाइटिंग और रास्तों से डार्क स्पॉट्स खत्म करने का जायजा लेना था। उन्होंने निर्देश दिया था कि राजधानी की हर सार्वजनिक मनोरंजक जगह पर अच्छी रोशनी हो, वह सुरक्षित हो और वहां नियमित पेट्रोलिंग की जाए।</p>