दिल्ली के खेड़ा कलां में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के साथ पीएम मोदी के ‘मन की बात’ का 139वां एपिसोड सुना। जानिए उन्होंने इस कार्यक्रम को लेकर क्या कहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 139वां एपिसोड दिल्ली के खेड़ा कलां में स्थानीय नागरिकों के साथ सुना गया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देश के आम नागरिकों के प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है।
इस कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर जनभागीदारी और स्थानीय स्तर पर हो रहे सकारात्मक कार्यों की चर्चा सामने आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, ‘मन की बात’ सामान्य नागरिकों के असाधारण प्रयासों को देश के सामने लाने का माध्यम है।
खेड़ा कलां में स्थानीय लोगों के साथ सुना ‘मन की बात’
रेखा गुप्ता ने अपनी पोस्ट में बताया कि खेड़ा कलां में स्थानीय नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का 139वां एपिसोड सुना गया। इस अवसर पर सांसद योगेंद्र चंदोलिया, विधायक राज करण खत्री, ‘मन की बात’ के प्रदेश प्रमुख रमेश शौकंदा, जिला अध्यक्ष विनोद सहरावत और निगम पार्षद योगेश राणा समेत अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की भागीदारी ने सामुदायिक स्तर पर संवाद और जनसंपर्क की अहमियत को रेखांकित किया।
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आम नागरिकों के प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के सामान्य नागरिकों के असाधारण प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान देता है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री का यह संवाद जनभागीदारी की शक्ति को सामने लाता है और लोगों को राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ता है। इस कार्यक्रम में अक्सर समाज, संस्कृति, नवाचार, पर्यावरण और जनहित से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया जाता है। ऐसे उदाहरणों के जरिए स्थानीय स्तर पर काम कर रहे लोगों को व्यापक पहचान मिलती है।
रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी
रेखा गुप्ता ने अपनी पोस्ट के साथ ‘मन की बात’ हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए कार्यक्रम की तस्वीरें भी साझा कीं। पोस्ट में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के संवाद को नागरिकों के प्रयासों और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला मंच बताया। खेड़ा कलां में आयोजित इस सामूहिक श्रवण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। हालांकि, पोस्ट में कार्यक्रम के दौरान चर्चा किए गए किसी विशेष स्थानीय मुद्दे या व्यक्ति का अलग से उल्लेख नहीं किया गया।
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