नानाजी देशमुख की जयंती पर CM रेखा गुप्ता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ 13वें मेमोरियल लेक्चर में शामिल हुईं। अंत्योदय और ग्रामोदय पर जोर दिया।
राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की जयंती के अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ 13वें नानाजी मेमोरियल लेक्चर में हिस्सा लिया। दीनदयाल रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में नानाजी देशमुख के विचारों, उनके सामाजिक कार्यों और राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नानाजी देशमुख ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण, अंत्योदय, सामाजिक समरसता और ग्रामीण आत्मनिर्भरता के लिए समर्पित कर दिया। उनके विचार आज भी देश को विकास की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
नानाजी देशमुख की जयंती पर राष्ट्र निर्माण के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नानाजी देशमुख के जीवन और उनके कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना उनके विचारों का अहम हिस्सा था। अंत्योदय की भावना के साथ उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत बनाने पर जोर दिया। नानाजी देशमुख का मानना था कि देश का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब गांव आत्मनिर्भर बनें और समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिले। उनका जीवन इसी सोच और सेवा भावना का उदाहरण रहा है।
Gramodaya से Rashtrodaya का विचार आज भी प्रासंगिक
नानाजी देशमुख के विचारों में ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की अवधारणा का विशेष महत्व रहा है। इसका अर्थ है कि गांवों का विकास ही देश की समग्र प्रगति का आधार बन सकता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस सोच को देश की विकास यात्रा के लिए प्रेरणादायक बताया। ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता, सामाजिक सद्भाव और स्थानीय स्तर पर विकास को बढ़ावा देने की यह सोच आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। नानाजी देशमुख की विचारधारा इस बात पर जोर देती है कि विकास का लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।
पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का लक्ष्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नानाजी देशमुख की सेवा, आत्मनिर्भरता और जमीनी स्तर पर सशक्तीकरण की विरासत को विकसित भारत के लक्ष्य से भी जोड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस विरासत को आगे बढ़ाने की बात कही गई। नानाजी देशमुख के विचार आज भी समाज के बीच काम करने, ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देने और हर व्यक्ति को विकास की प्रक्रिया से जोड़ने की प्रेरणा देते हैं। उनकी जयंती पर आयोजित 13वां नानाजी मेमोरियल लेक्चर उनके इसी योगदान और विचारों को याद करने का अवसर बना।


