हरियाणा में भाजपा सरकार ने पिछले 10 सालों में वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति माह कर दिया है, जो पिछली सरकारों के मुकाबले एक बड़ी राहत है। यह कदम बुजुर्गों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता के रूप में देखा जा रहा है।

चंडीगढ़। हरियाणा में भाजपा सरकार ने बुजुर्गों को 10 साल में बड़ी राहत दी है। प्रदेश सरकार ने पिछले 10 सालों में वृद्धावस्था पेंशन को दो हजार रुपये तक बढ़ा दिया है। ऐसे में अब बुजुर्गों को हर महीने 3000 रुपये वृद्धा पेंशन मिल रही है। जबकि पिछली सरकार ने 23 साल में इतनी बढ़ोतरी नहीं की है। भाजपा सरकार की ओर से बुजु्र्गों को मिलने वाली ये बड़ी मदद है। वहीं अन्य राज्यों में वृद्धावस्था पेंशन कम है। भारत में वृद्धावस्था पेंशन की शुरुआत वर्ष 1991 में हुई थी। उस समय बुजुर्गों को 100 रुपये पेंशन के रूप में मिलते थे।

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हरियाणा में 1991 से 2014 तक कई पार्टियों ने सत्ता संभाली
हरियाणा में वृद्धावस्था पेंशन स्कीम शुरू होने के बाद से कई राजनीतिक पार्टियों ने सत्त संभाली लेकिन किसी वृद्धावस्था पेंशन स्कीम को गंभीरता से नहीं लिया। 1991 से 2014 के बीच हरियाणा में काबिज सत्ताधारी पार्टियों में कांग्रेस, रियाणा विकास पार्टी, इंडियन नेशनल लोकदल शामिल रही लेकिन बुजुर्गों को इस पेंशन स्कीम में कुछ खास लाभ नहीं मिला। 2014 के बाद से पेंशन में पांच साल बाग पहले 1000 रुपये और फिर 2 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

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ऑनलाइन हुई वृद्धावस्था पेंशन
भाजपा सरकार ने हरियाणा के बुजुर्ग लोगों को हर महीने पेंशन लेने जाने की समस्या को भी हल कर दिया। सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन को ऑनलाइन कर दिया है। ऐसे में हरियाणा में बुजुर्ग के 60 साल की उम्र के होने पर फैमिली आईडी के जरिए ऑनलाइन सिस्‍टम के तहत उनकी प्रतिमाह तीन हजार रुपए की पेंशन खुद ही चालू हो जाती है। 

हरियाणा में बुजुर्ग मतदाता
हरियाणा में बुजुर्ग मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है। यहां 10 हजार मतदाता तो 100 से अधिक उम्र के हैं। 85 साल से अधिक आयु वाले मतदाता की संख्या करीब 2,50,000 तक आंकी गई है। ऐसे में बुजुर्ग पेंशनरों के वोट बैंक का फायदा भाजपा को मिल सकता है।