गुजरात के वडोदरा शहर में रामनवमी के पावन पर्व पर हिंसा भड़क उठी। शहर में निकाली गई शोभायात्रा पर पथराव के बाद इलाके का माहौल गरमा गया। पुलिस ने भी स्थिति पर नियंत्रण के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई की। लगभग एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है।

वडोदरा। गुजरात के वडोदरा शहर में रामनवमी के पावन पर्व पर हिंसा भड़क उठी। शहर में निकाली गई शोभायात्रा पर पथराव के बाद इलाके का माहौल गरमा गया। पुलिस ने भी स्थिति पर नियंत्रण के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई की। लगभग एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। इलाके में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

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इस इलाके में हुआ पथराव

रामनवमी के पर्व पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल की तरफ से शोभायात्रा निकाली गई थी। शुरु में सब शांतिपूर्ण रहा, पर जब यह शोभायात्रा फतेपुरा पांजरीगर मोहल्ले में पहुंची तो शोभायात्रा पर एकाएक पथराव शुरु हो गया। इसकी वजह से इलाके में अफरा तफरी मच गई। कुछ ही देर में दोनों पक्षों की तरफ से पथराव शुरु हो गया। उपद्रवियों ने सड़क पर खड़ी लॉरियों को भी नहीं बख्शा। इलाके की दुकाने धड़ाधड़ बंद होने लगीं। पुलिस को सूचना मिली तो मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स भेजा गया। तब जाकर उपद्रवी शांत हुए। बहरहाल, पुलिस का कहना है कि स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, उसके जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है।

शांति समिति की बैठक का भी नहीं पड़ा असर

ध्यान देने की बात यह है कि रमजान का पाक महीना शुरु हो चुका है और इसी बीच रामनवमी भी है। रामनवमी पर जूलूस निकाला जाना था। इसको देखते हुए दो दिन पहले शांति समिति की बैठक भी बुलाई गई थी। बैठक में दोनों समुदायों की तरफ से धार्मिक नेता भी शामिल हुए थे। इलाके के प्रभावशाली और प्रतिष्ठित लोगों के अलावा व्यापारी और सभासद के अलावा स्थानयी लोग भी बैठक में शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि इस लिहाज से फतेपुरा इलाका संवेदनशील भी माना जाता है। इसलिए पुलिस पहले से चुस्त थी। रात में इलाके की पेट्रोलिंग भी की गई थी।