NEET-UG परीक्षा का आयोजन 5 मई को 571 शहरों में 4,750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। हालांकि, बाद में इसमें पेपर लीक का मामला सामने आया। इसके बाद केंद्र सरकार ने जांच की जिम्मेदारी CBI को सौंप दी।

NEET-UG पेपर लीक। CBI ने NEET-UG पेपर लीक मामले में गुरुवार को रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) की First year छात्रा को हिरासत में लिया और अब पूछताछ कर रही है। CBI को जानकारी मिली थी कि छात्रा सॉल्वर गैंग से जुड़ी थी। टीम ने गुरुवार देर रात रिम्स हॉस्टल में छापेमारी करके उसको पकड़ा।

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बता दें, रिम्स के PRO डॉ. राजीव रंजन ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा- ''छात्रा 2023 बैच की First year की छात्रा है। वह अब CBI की हिरासत में है। उन्होंने शुरू में छात्रा को लेकर कुछ शुरुआती जानकारी जुटाने के लिए प्रशासन से संपर्क किया था। उसके बाद कल देर रात को टीम ने आगे की जांच के लिए हमसे बातचीत की थी और गुरुवार को उसे हिरासत में ले लिया गया। इस गंभीर मामले को लेकर हम प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे।''

पटना एम्स के 4 छात्र भी हैं CBI की हिरासत में

CBI ने पेपर लीक मामले में 17 जुलाई को AIIMS पटना से 4 मेडिकल छात्रों को हिरासत में लिया था। इसमें तीन 3rd year के और एक 2nd year का छात्र शामिल है। इनके नाम कुछ इस प्रकार हैं - चंदन कुमार (3rd year), राहुल कुमार (3rd year), करण जैन (3rd year) और कुमार शानू (2nd year)।

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की जांच कर रही है CBI

मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CBI ने अब तक 6 FIR दर्ज की है। बिहार की FIR पेपर लीक से संबंधित है, जबकि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र की शेष FIR उम्मीदवारों और धोखाधड़ी से जुड़ी है। मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है। स्टूडेंट्स की मांग है कि पेपर को रद्द किया जाए। इस संबंध में भी कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं।

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