महाराष्ट्र की विवादित बर्खास्त ट्रेनी IAS अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। उन्हें IAS (परिवीक्षा) नियम, 1954 के नियम 12 के तहत शनिवार को तत्काल प्रभाव हटा दिया है।

IAS Trainee Puja Khedkar: महाराष्ट्र की विवादित बर्खास्त ट्रेनी IAS अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। उन्हें IAS (परिवीक्षा) नियम, 1954 के नियम 12 के तहत शनिवार को तत्काल प्रभाव हटा दिया है। सरकार के फैसले के बाद अब पूजा खेडकर के पास कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं बचा है। बता दें कि इससे पहले UPSC ने ट्रेनी IAS अधिकारी के खिलाफ फर्जीवाड़ा का केस दर्ज कराया था।

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बता दें कि पूजा खेडकर पर OBC रिर्जेवेशन और दिव्यांग कोटे के मदद से UPSC एग्जाम देने का आरोप है। उन्होंने इसके संबंधित कागजात भी तैयार किए थे। मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने धोखाधड़ी से UPSC एग्जाम पास करने के जुर्म में केस दर्ज किया था। कोर्ट ने भी सारे डॉक्यूमेंट की जांच करने की बात कही थी। इसके बाद 31 जुलाई को यूपीएससी ने पूजा की उम्मीदवारी रद्द कर दी थी। इसके अलावा भविष्य में किसी भी परीक्षा में शामिल होने से भी वंचित कर दिया था।

पूजा खेडकर के खिलाफ सारा मामला जून में शुरू हुआ

बता दें कि पूजा खेडकर के खिलाफ सारा मामला जून में शुरू हुआ था, जब वाशिम में उन्हें असिस्टेंस कलेक्टर के तौर पर भेजा गया था। उसके बाद पुणे के कलेक्टर डॉ. सुहास दिवसे ने मुख्य सचिव को लेटर लिखा था कि वाशिम के कलेक्टर के बिना किसी अनुमति के पूजा खेडकर ने ऑफिस से सारी चीजें हटा दिया था। इसमें मुहर, कुर्सी, टेबल शामिल थी। इसके बाद उन्होंने राजस्व सहायक निर्देश दिया था कि वो उनके नाम का लेटर हेड विजिटिंग कार्ड, पेपरवेट, शाही मुहर और इंटरकॉम भेजे। 

बता दें कि जितने नंबर पूजा खेडकर के UPSC एग्जाम में आए थे। उसके मुताबिक उनका IAS बनना मुश्किल था। लेकिन उन्होंने सारे कागजात नकली दिए थे, जिसके दम पर वो अधिकारी बन गई थी।

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