अगर आप प्राइवेट कार का यूज कमर्शियल कर रहे हैं, तो ध्यान रखिए...आपको वाहन चोरी हो जाने पर क्लेम नहीं मिलेगा। उपभोक्ता फोरम ने ऐसे ही एक केस में मुंबई के व्यक्ति के बीमा दावे को खारिज कर दिया।

मुंबई. अगर आप प्राइवेट कार का यूज कमर्शियल तौर पर कर रहे हैं, तो ध्यान रखिए...आपको वाहन चोरी हो जाने पर क्लेम नहीं मिलेगा। उपभोक्ता फोरम ने ऐसे ही एक केस में मुंबई के व्यक्ति के बीमा दावे को खारिज कर दिया। डिस्ट्रिक्ट कन्ज्यूमर कमिशन ने चोरी के वाहन के दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इसका इस्तेमाल कमर्शियल कामों के लिए किया गया, जबकि बीमा कवर निजी कार पैकेज पॉलिसी के लिए लिया जाता है।

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जानिए आपके काम की खबर...

चोरी होने से पहले नवी मुंबई निवासी नंदकिशोर चंदोले ने अपनी कार किराए पर दी थी। हालांकि, जिस दिन चोरी हुई उस दिन कार निजी इस्तेमाल के लिए इस्तेमाल की गई थी। नवी मुंबई के शख्स ने बजाज से 'प्राइवेट कार' इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी 

चंदोले द्वारा बजाज एलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ दायर एक शिकायत पर यह आदेश पारित किया गया था। उन्होंने दिसंबर 2017 में 4.32 लाख रुपये की मारुति ईईसीओ खरीदी थी। चंदोले ने बजाज से 'निजी कार पैकेज बीमा पॉलिसी-private car package insurance policy' ली थी और समय पर प्रीमियम का भुगतान कर रहे थे।

कार अक्टूबर 2021 में चोरी हो गई थी। चंदोले ने बीमा कंपनी को इसकी जानकारी दी और FIR दर्ज कराई, जिसमें कहा गया कि कार फैमिली पर्पज के लिए थी।

हालांकि, जब उन्होंने क्लेम मांगा तो बीमा कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद चंदोले ने शिकायत दर्ज कराकर 18 फीसदी ब्याज के साथ 2.6 लाख रुपये और मुआवजे के तौर पर 1.50 लाख रुपये की मांग की।

सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने कहा कि सर्वेयर की रिपोर्ट के मुताबिक कार जून 2019 से मई 2020 तक और फिर 11 अक्टूबर 2019 से 10 अक्टूबर 2020 के बीच 700 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से किराए पर दी गई।

कार को बाद में फैमिली पर्पज के लिए इस्तेमाल किया गया था। सर्वेयर की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जब कार चोरी हुई थी, तो उसका इस्तेमाल निजी इस्तेमाल के लिए किया गया था। आयोग ने कहा कि भले ही कार का इस्तेमाल निजी इस्तेमाल के लिए किया गया था, लेकिन इसने पॉलिसी के 'लिमिटेड एज टू यूज' क्लॉज को तोड़ा, जैसा कि बीमा कंपनी ने साबित किया था।

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