महाराष्ट्र सरकार ने नर-पार गिरनार नदी जोड़ो परियोजना को तेज कर दिया है, जिसका उद्देश्य राज्य के किसानों को सिंचाई की समस्याओं से निजात दिलाना है। 7,015 करोड़ रुपये की इस परियोजना से नासिक और जलगांव जिलों को पानी की कमी से राहत मिलेगी।

Nar Par River Linking Project: महाराष्ट्र के किसानों की सिंचाई समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने नर पार गिरनार नदी जोड़ो प्रोजेक्ट को तेज कर दिया है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से किसानों को सिंचाई समस्याओं से निजात मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए 7,015 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है।

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उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित परियोजना को मंजूरी देने के लिए राज्यपाल का आभारी हूं। यह परियोजना नर पार गिरना नदी बेसिन से 10.64 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (टीएमसी) पानी को प्रवाहित करेगी जिससे उत्तर महाराष्ट्र के नासिक और जलगांव जिलों को लाभ होगा।

क्या है नर पार प्रोजेक्ट?

नर पार गिरनार नदी जोड़ो प्रोजेक्ट में नौ नए बांधों का निर्माण शामिल है। यह पश्चिम की ओर बहने वाली नदियों के पानी को उत्तर महाराष्ट्र के जिलों में पहुंचाएगा। इससे नासिक में 53,626 हेक्टेयर, जलगांव में 38,304 हेक्टेयर और गिरना उप-बेसिन के औरंगाबाद क्षेत्रों में 3,830 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई में मदद मिलेगी।

महाराष्ट्र में विविध फसल उगाए जाते

महाराष्ट्र में इंडस्ट्री के साथ-साथ एग्रीकल्चर सेक्टर बड़े लेवल पर रोजगार पैदा करता है। राज्य में गन्ना, कॉटन, केला, सोरगम, मिलेट, पोमग्रेनेट, आरेंज, सोयाबीन, चावल, तुर, प्याज, फलों और सब्जियों की खेती होती है। कृषि प्रधान राज्य में किसान सिंचाई की समस्याओं से जूझते रहते हैं। राज्य में धुले, नंदूरबर, जट, कवथे महाकाल, अटपडी, सोलापुर, मन, खाटव, धाराशिव, लातूर, वेस्ट विदर्भ का क्षेत्र सिंचाई के लिए पानी की बेहद कमी से जूझता है।

दरअसल, राज्य पानी की किल्लत से हमेशा जूझता रहता है। नासिक निकलने वाली गोदावरी नदी अपने क्षेत्र नासिक, जलगांव, धुले जिलों को पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने में फेल रही है। इससे किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। हालांकि, परियोजना के पूरा होने के बाद किसानों की सिंचाई समस्याओं से निजात मिलने की उम्मीद है।

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