महाराष्ट्र सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में फैसला लिया है कि सभी सरकारी दस्तावेजों और स्टूडेट्स् के डॉक्यूमेंट्स में मां का नाम भी अनिवार्य रूप से दर्ज कराया जाएगा।

मुंबई। महिला और पुरुष को समान दर्जा और समानता को लेकर कई सारे कदम उठाए जा रहे हैं। हर किसी के जीवन में माता-पिता दोनों का ही विशेष महत्व होता है ऐसे में दिल्ली हाईकोर्ट ने स्टूडेंट्स के सभी डॉक्यूमेंट्स पर मां का नाम भी अनिवार्य रूप से दर्ज कराने का फैसला सुनाया है। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने भी सभी सरकारी डॉक्यूमेंट्स में पिता के साथ मां का नाम भी शामिल किए जाने को अनिवार्य कर दिया है।

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कैबिनेट मीटिंग में महाराष्ट्र सरकार ने लिया निर्णय
महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने कैबिनेट मीटिंग बुधवार को बड़ा निर्णय लेते हुए सभी सरकारी दस्तावेजों में मां का नाम भी शामिल किया जाना अनिवार्य कर दिया है। सरकार ने सभी सरकारी डॉक्यूमेंट्स जैसे जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल की मार्कशीट, सर्टिफिकेट्स, प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स, आधार कार्ड, पैन कार्ड सभी में मां का नाम अनिवार्य रूप से शामिल करने का आदेश दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी स्टूडेंट्स को मिलने वाली डिग्री-सर्टिफिकेट्स में पिता के साथ मां का नाम शामिल करना जरूरी कर दिया है।

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सीएम शिंदे ने ट्वीट कर दी जानकारी
सीएम एकनाथ शिंदे ने ट्टीट के जरिए ये सूचना साझा की है। सरकार ने सरकारी दस्तावेज में बच्चे को अपना पहला नाम, फिर मां का नाम, फिर पिता का पहला नाम, फिर सरनेम बताना होगा। विवाहित महिला के नाम के बाद पति का नाम और फिर सरनेम लिखा जाएगा।

1 मई 2024 से लागू होगा नियम
महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने 1 मई 2024 से इस नए नियम को लागू करने का फैसला सुनाया है। एक मई 2024 के बाद जन्म लेने वाले बच्चों के स्कूल, परीक्षा प्रमाणपत्र, पे स्लिप, रेवेन्यू डॉक्यूमेंट इसी फॉर्मेट पर बनवाए जाएंगे। यानी मई 2024 से सभी नए सरकारी डॉक्यूमेंट्स, सर्टिफिकेट, आधार, पैन कार्ड आदि में मां का नाम भी मौजूद रहा करेगा।