यूपी का माफिया मुख्तार अंसारी मोहाली में दर्ज जबरन वसूली के एक केस में रोपड़ सेंट्रल जेल में बंद था। उसे यूपी न भेजना पड़े, इसलिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। मामला लम्बे समय तक कोर्ट में चला।

चंडीगढ़। यूपी का माफिया मुख्तार अंसारी मोहाली में दर्ज जबरन वसूली के एक केस में रोपड़ सेंट्रल जेल में बंद था। उसे यूपी न भेजना पड़े, इसलिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। मामला लम्बे समय तक कोर्ट में चला। कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने वकीलों को केस की पैरवी करने के लिए मोटी रकम पर हायर किया। उस पैरवी की कानूनी फीस से जुड़ी 55 लाख रुपये की फाइल का भुगतान अब अटक गया है। सीएम भगवंत मान ने न सिर्फ इस फाइल पर मंजूरी देने से इंकार किया है, बल्कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मंत्रियों से केस की पैरवी में आए खर्च की वसूली पर विचार भी कर रही है। आपको बता दें कि लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद अंसारी को यूपी के बांदा जेल ले जाया जा सका था। वह जनवरी 2019 से अप्रैल 2021 तक रोपड़ सेंट्रल जेल में बंद था।

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कानूनी लड़ाई के महंगे वकील

उस दौरान की तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए वकीलों को नियुक्त किया था। जालंधर में एक रैली के दौरान सीएम भगवंत मान ने इसे जनता के पैसों की लूट करारते हुए कहा है कि यह हैरानी की बता है कि कैसे लोगों के पैसे से गुंडों को पनाह दी गई... मैंने साफ कहा है कि हम कोई पैसा नहीं देंगे... हम यह पैसा पूर्व मंत्रियों से कानूनी राय लेकर उनसे लेंगे... राजकोष है, इस मकसद से नहीं रखा कि बदमाशों के पेशी बिल भर दें.. उन्होंने कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसका बोझ हम सरकारी खजाने पर नहीं पड़ने देंगे।

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अपराधी को जेल में आराम के साथ रखा गया

उन्होंने इसके पहले ट्वीट करते हुए कहा था कि यूपी का एक अपराधी रोपड़ जेल में आराम और सुविधाओं के साथ रखा गया...। 48 बार वारंट जारी...फिर भी उसे पेश नहीं किया गया। महंगे वकीलों को इसमें लगाया गया। उसका खर्च 55 लाख रुपये...वह फाइल मैंने लौटा दी है। इसमें जनता के पैसे से भुगतान की सिफारिश थी। भगवंत मान ने कहा कि वह इस खर्च को तत्कालीन मंत्रियों से वसूलने के बारे में सोच रहे हैं। जिनके आदेश से ऐसे फैसले लिए गए। हालांकि उन्होंने अपने ट्वीट में माफिया मुख्तार अंसारी का उल्लेख नहीं किया है। आपको बता दें कि उस समय पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी और कैप्टन अ​मरिंदर सिंह सीएम व सुखजिंदर सिंह रंधावा जेल मंत्री थे।

सीएम तक पहुंची जांच रिपोर्ट

यूपी के माफिया मुख्तार अंसारी के रोपड़ जेल में रहने के मामले की भगवंत मान सरकार जांच करा रही है। बताया जा रहा है कि इस प्रकरण में कुछ दिन पहले ही सीएम तक जांच रिपोर्ट भी पहुंचाई गई है। रिपोर्ट में उस दरम्यान कई चूक की बात कही गई है।