राजस्थान के अलवर में कुत्ते भी कर रहे हैं रक्तदान! घायल और ज़रूरतमंद कुत्तों की जान बचाने के लिए युवाओं का अनोखा प्रयास। ब्लड की कमी से होने वाली मौतों को रोकने का नेक काम।

जयपुर. आप हमेशा देखते हैं कि रक्तदान शिविर में लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। कई बार ऐसे रक्तदान शिविर भी आयोजित होते हैं जहां हजारों यूनिट रक्तदान होता है। लेकिन क्या आपने कभी ऐसा सुना है कि केवल इंसान ही नहीं बल्कि कुत्ते भी ब्लड डोनेट करते हो। यह कोई कल्पना नहीं बल्कि हकीकत में हुआ है।

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दूसरे जिले से भी डॉग आ रहे ब्लड डोनेट करने

हम बात कर रहे हैं राजस्थान के अलवर जिले में आयोजित होने वाले ब्लड डोनेशन कैंप की। जिसमें कुत्ते ब्लड डोनेट करते हैं। क्योंकि हमेशा हम सुनते हैं कि कई बार सड़क हादसों में या अन्य किसी घटना में स्ट्रीट और पालतू कुत्ते घायल हो जाते हैं। उनके शरीर से काफी ज्यादा खून भी बह जाता है। कई बार उनकी जान भी चली जाती है। ऐसे में डॉग्स की जान बचाने के लिए यह रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है। यहां के पशु चिकित्सालय में घायल डॉग्स का इलाज किया जाता है। यहीं पर कुत्ते ब्लड डोनेट करते हैं। अलवर के कालू, बहरा और भूरी जैसे डॉग्स ने यहां कई बार ब्लड डोनेट किया है।

राजस्थान के युवाओं का दिल जीतने वाला कदम

दरअसल अलवर के ही कई युवा इस काम में लगे हुए हैं। जिन्होंने अपना एक ग्रुप भी बनाया हुआ है। वह बताते हैं कि काफी साल पहले उन्होंने कई बार ऐसे मामले सुने थे कि ब्लड की कमी के चलते कुत्ते की मौत हो गई। इसके बाद सभी ने नौकरी करने के साथ ही इन कुत्तों के इलाज का निर्णय किया। वर्तमान में पशु चिकित्सालय में इनके पास 85 कुत्तों के अलावा अन्य वन्यजीव भी है। जब भी कोई कुत्ता घायल हो जाता है तो यह लोग पहले तो उसका इलाज करते हैं और बाद में आवश्यकता होने पर उसे ब्लड चढ़ाते हैं। हालांकि जिन दूसरे डॉग्स से ब्लड लेते हैं उनका समय-समय पर ट्रीटमेंट और चेकअप भी करवाते हैं।

क्या अब डॉग ब्लड बैंक भी बनेगा?

ग्रुप से जुड़े दिवाकर बताते हैं कि इंसान को ब्लड देने के लिए तो लोगों की लाइन लग जाती है लेकिन कुत्ते जैसे वफादार बेजुबान जानवर की मदद करने कोई भी आगे नहीं आता। जबकि वह अपनी पूरी जिंदगी लोगों का ध्यान रखने में निकाल देता है। इनका भी ध्यान रखना चाहिए।