राजस्थान में करंट लगने से संविदाकर्मी के दोनों हाथ कट गए। दो महीने बाद होने वाली थी शादी, अब परिवार गहरे सदमे में। ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

बारां (राजस्थान). शादी की खुशियों में डूबे एक परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब 33 केवी ग्रिड पर काम कर रहे एक संविदाकर्मी को करंट लग गया। इस दर्दनाक हादसे में उसके दोनों हाथ काटने पड़े, जिससे उसकी पूरी जिंदगी बदल गई। यह घटना हरनावदाशाहजी क्षेत्र के गुराड़ी गांव की है, जहां चरत राम मीणा नामक संविदाकर्मी सब स्टेशन पर फीडर चेंज करने गया था। काम के दौरान अचानक उसे तेज करंट लगा, जिससे उसके दोनों हाथ गंभीर रूप से झुलस गए। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जान तो बचा ली, लेकिन दोनों हाथ काटने पड़े।

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इसी ग्रिड पर पहले भी दो लोगों की हो चुकी है मौत

बिना सुरक्षा उपकरण के काम, लापरवाही का आरोप गांववालों के मुताबिक, बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। संविदाकर्मी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के लाइन पर चढ़ गया था, जिससे यह दुर्घटना हुई। ग्रामीणों ने बताया कि इसी ग्रिड पर पहले भी तीन हादसे हो चुके हैं, जिनमें दो कर्मचारियों की जान जा चुकी है।

दुल्हन बनने से पहले ही हो गई विधवा

शादी की खुशियां बदली मातम में पीड़ित चरत राम की शादी दो महीने बाद होने वाली थी। परिवार में शादी की तैयारियां जोरों पर थीं, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ बदलकर रख दिया। अब परिवार सदमे में है और होने वाली दुल्हन भी गहरे दुख में डूबी हुई है। ग्रामीणों का विरोध, मुआवजे की मांग हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि पीड़ित को 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। विरोध बढ़ता देख प्रशासन मौके पर पहुंचा और उचित मदद का आश्वासन दिया।

राजस्थान के बिजली कर्मियों की कब तक होती रहेगी मौत

बिजली विभाग की लापरवाही कब तक? यह कोई पहली घटना नहीं है। प्रदेश में कई संविदाकर्मी बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करने को मजबूर हैं, जिससे अक्सर ऐसे हादसे होते हैं। प्रशासन को इस पर गंभीर कदम उठाने की जरूरत है ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस दर्द से न गुजरना पड़े।

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