Dausa News : राजस्थान के दौसा जिले से क्राइम का अलग ही मामला सामने आया है। जहां एक पल में लोग खुशी से बधाई देने लगे, दूसरे ही पल चीखने-चिल्ला रहे थे। 

दौसा (राजस्थान). दौसा (Dausa News) जिला अस्पताल में नवजात शिशु (newborn baby in hospital) बदलने का मामला सामने आया है, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। प्रसूता के परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने जन्म के तुरंत बाद उनके बच्चे को बदल दिया। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

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क्या है दौसा अस्पताल का पूरा मामला?

बुधवार सुबह दौसा जिला अस्पताल के लेबर रूम में कुछ मिनटों के अंतराल में दो महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया। पहला प्रसव सुबह 10:06 बजे हुआ, जबकि दूसरा प्रसव 10:08 बजे हुआ। आरोप है कि स्टाफ ने शुरुआत में दोनों नवजातों के लिंग की जानकारी दी, लेकिन बाद में इसमें बदलाव बताया गया। इससे एक परिवार ने शिशु अदला-बदली का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।

अस्पताल प्रशासन का क्या कहना है?

मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। मातृ एवं शिशु चिकित्सालय इकाई के प्रभारी डॉक्टर मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि लेबर रूम में सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार होती हैं और बच्चा बदलने जैसी कोई घटना नहीं हुई है। हालांकि, परिजन अपनी शंका को लेकर अड़े हुए हैं, इसलिए मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

क्या होगी आगे की कार्रवाई?

परिजनों की मांग पर प्रशासन ने बयान दर्ज कर लिए हैं और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। यदि फिर भी परिजन संतुष्ट नहीं होते हैं, तो डीएनए जांच कराई जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।