हनुमानगढ़ में ACB द्वारा रिश्वत लेते पकड़े गए कॉलेज प्रिंसिपल और कंप्यूटर ऑपरेटर मामले में परिवादी मयंक गर्ग ने आत्महत्या कर ली। जांच जारी है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

हनुमानगढ़. राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में 3 दिन पहले एंटी करप्शन ब्यूरो की हनुमानगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो चौकी के द्वारा मस्तनाथ B.Ed कॉलेज के प्रिंसिपल रामवतार और कंप्यूटर ऑपरेटर करण को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया था। इस केस में परिवादी का नाम मयंक गर्ग था। जिससे प्रिंसिपल और कंप्यूटर ऑपरेटर ने परीक्षा फॉर्म यूनिवर्सिटी में जमा करवाने के नाम पर रिश्वत ली थी। हालांकि इस मामले में अब दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया है। लेकिन अब उसी परिवादी मयंक गर्ग ने सुसाइड कर लिया। जिसने अपने ही घर में फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड किया।

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मयंक को इसलिए करना पड़ा सुसाइड

संभावना जताई जा रही है कि कार्रवाई के बाद वह दबाव में था ऐसे में उसने सुसाइड करने का फैसला किया। हालांकि पुलिस को मौके से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। पूरी जांच होने के बाद ही सुसाइड के कारणों का पता चल सकेगा।दरअसल मयंक हनुमानगढ़ में एसडीएम कॉलोनी में रहता है। जिसकी मां उसके साथ रहती है लेकिन मां किसी काम से बठिंडा गई हुई थी। बहन ने मयंक को कॉल किया लेकिन मयंक का मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। इसी बात को लेकर मयंक की बहन टेंशन में आ गई और उन्होंने ACB से कांटेक्ट किया। एसीबी ने पुलिस को इसकी सूचना दी तो पुलिस मयंक के घर पर पहुंची जहां वह फंदे से लटका मिला।

परिवार को अभी नहीं सौंपी है डेड बॉडी

हालांकि अभी मामले में हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस थाने के सीआई लक्ष्मण सिंह का इस पूरे मामले में कहना है कि फिलहाल बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। पोस्टमार्टम होने के बाद परिवार जो भी रिपोर्ट देगा उसके आधार पर मामले में कार्रवाई करके अनुसंधान किया जाएगा।

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