How much does a Punganur cow cost : आंध्र प्रदेश की दुर्लभ पुंगनूर नस्ल की गायों ने राजस्थान के श्रीमाधोपुर स्थित गौगढ़ बाबा ब्रह्मचारी आश्रम में प्रवेश किया है। नन्हें कद और औषधीय दूध वाली इन गायों का आगमन गौसेवा को नई दिशा देगा।

How much does a Punganur cow cost : राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में गौसेवा को एक नई दिशा देते हुए, श्रीमाधोपुर के गौगढ़ बाबा ब्रह्मचारी आश्रम में आंध्र प्रदेश की दुर्लभ पुंगनूर नस्ल यानि दुनिया की सबसे छोटी गायों की एक जोड़ी ने दस्तक दी है। यह गोवंश नन्हें कद, सौम्य स्वभाव और औषधीय दूध के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। तो आइए जानते हैं आखिर पुंगनूर गाय क्यों खास मानी जाती है? एक गाय की कीमत कितनी है, यह एक दिन में कितना दूध देती है?

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जानिए कैसा होता है पुंगनूर नस्ल की गायों का नेचर

बछिया का नाम 'गौरा' और बछड़े का नाम 'शिव' रखा गया है। इनका स्वागत संत सतगिरि महाराज ने बड़े स्नेह से किया और अपने हाथों से उन्हें गुड़ खिलाया। उन्होंने बताया कि ये गायें न सिर्फ देखने में आकर्षक हैं, बल्कि उनका स्वभाव भी बच्चों जैसा चंचल और मिलनसार है।

पुंगनूर गाय इतनी महंगी क्यों है?

दुर्लभ नस्ल, विशेष खूबियां पुंगनूर नस्ल की यह गाय आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले से लाई गई है। इनकी ऊंचाई मात्र दो फीट के आसपास होती है, जिससे इन्हें छोटे स्थानों में भी आसानी से पाला जा सकता है। इनके दूध में प्राकृतिक औषधीय गुण होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं। बाजार में इनकी कीमत 4 लाख से 9 लाख रुपये तक होती है, जो उनकी उपयोगिता और दुर्लभता को दर्शाती है।

पुंगनूर गाय 1 दिन में कितना दूध देती है?

संत सतगिरि महाराज ने बताया कि इस नस्ल को आश्रम में लाने का उद्देश्य केवल दर्शन या दूध उत्पादन नहीं है, बल्कि गौ संरक्षण और जागरूकता को समाज में मजबूत करना भी है। इन गायों की उपस्थिति से स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं में भी देसी नस्लों के प्रति रुचि बढ़ रही है। पुंगनूर नस्ल की इन गायों की देखभाल में विशेष खर्च नहीं आता। कम चारा खाने वाली यह नस्ल प्रतिदिन दो से तीन किलो तक दूध देती है। ढाई फीट की छोटी सी इस गाय का दूध सबसे गाढ़ा होता है।

आंध्र प्रदेश के लोगों के लिए स्टेटस सिंबल बन गई पुंगनूर गाय

पुंगनूर नस्ल की यह पहल राजस्थान में देसी गौवंश संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जो आध्यात्म, पर्यावरण और स्वास्थ्य – तीनों क्षेत्रों में योगदान दे रही है। बता दें कि पुंगनूर गाय की आयु जितनी कम होगी उसकी कीमत उतनी ही अधिक होगी। आंध्र प्रदेश के लोगों के लिए एक स्टेटस सिंबल बन गई है। अब यह दूसरे राज्यों में भी जाने लगी है।

पुंगनूर गाय की पहचान कैसे करें पहचान?

1 पुंगनूर गाय की .छोटी कद-काठी की पशु है, लेकिन बैलों के आकार थोड़े बड़े होते हैं।

2. पुंगनूर गाय की ऊंचाई औसतन 3 से 5 फीट और वजन 115 से 200 किलोग्राम तक होता है।

3. पुंगनूर गाय की गायों का रंग सफेद, भूरे या हल्के भूरे से लेकर गहरे भूरे या लाल होता है ।

4. पुंगनूर गाय छोटे कद की वजह से माथा चौड़ा होता है । ...

5. पुंगनूर गाय की लंबी पूंछ जमीन तक जाती है।