राजस्थान सरकार ने मिड-डे मील में बड़ा बदलाव किया है। अब बच्चों को पौष्टिक आहार मिलेगा, जिसमें दूध, अंडा, फल और कई अन्य चीजें शामिल होंगी। इससे बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा और स्कूल में उपस्थिति भी बढ़ेगी।

Rajasthan Mid Day Meal New Menu 2025: राजस्थान सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील योजना को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब विद्यार्थियों को केवल थाली में परोसे जाने वाले भोजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उनके पोषण स्तर को बेहतर करने के लिए भोजन के मेन्यू में कई पौष्टिक और मौसम के अनुकूल खाद्य पदार्थ शामिल किए जा रहे हैं।

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राज्य के शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रशासन को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। योजना का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार और विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के तहत मिलेगा विशेष पोषण

सरकार मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना को फिर से प्रभावी रूप से लागू कर रही है। इसके अंतर्गत कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को सप्ताह में दो दिन गर्म दूध, अंडा और बिस्कुट परोसे जाएंगे। जिन छात्रों द्वारा अंडा नहीं खाया जाता, उनके लिए केला या अन्य विकल्प भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन को स्थानीय मौसम और जलवायु को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाए। गर्मियों में ठंडा और हल्का भोजन जबकि सर्दियों में ऊर्जादायक और गर्माहट देने वाला आहार बच्चों को दिया जाएगा। इससे बच्चों को संतुलित पोषण मिलेगा और मौसमी बीमारियों से भी सुरक्षा मिलेगी।

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मिड-डे मील में होंगे न्यूट्रिशनल फूड आइटम

सरकार के निर्देशानुसार अब मिड-डे मील में पैकेज्ड केक, मौसमी फल, फोर्टिफाइड दूध और अन्य पौष्टिक फूड आइटम भी शामिल किए जाएंगे। इससे बच्चों को एकरस भोजन से राहत मिलेगी और भोजन के प्रति रुचि भी बढ़ेगी। यह पहल विशेष रूप से उन बच्चों के लिए फायदेमंद होगी जो कुपोषण का सामना कर रहे हैं।

सरकार का मानना है कि स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन मिलने से बच्चों की स्कूल में उपस्थिति में सुधार आएगा और वे पढ़ाई के प्रति अधिक उत्साहित होंगे। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।

शिक्षा विभाग का बयान

राज्य शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, "राज्य सरकार का लक्ष्य बच्चों को सिर्फ भरपेट भोजन देना नहीं है, बल्कि उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए संतुलित आहार उपलब्ध कराना है। मिड-डे मील में यह बदलाव इसी दिशा में एक मजबूत कदम है।"

राजस्थान सरकार द्वारा मिड-डे मील में यह बदलाव न केवल बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव लाएगा। मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के अंतर्गत यह पहल राज्य के स्कूली बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।

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