Nagaur News : राजस्थान के झालावाड़ में हुए स्कूल हादसे को अभी करीब-करीब 24 घंटे ही हुए हैं, इसी बीच नागौर जिले से भी एक दुखद खबर आई है। जहां डेगाना क्षेत्र में सरकारी स्कूल की छत गई। हालांकि गनीमत यह रही कि इसमें किसी की जान नहीं गई।

Rajasthan Accident News : राजस्थान में जर्जर स्कूल भवन अब बच्चों की जान पर बनते जा रहे हैं। झालावाड़ में हुई भीषण दुर्घटना के कुछ ही दिन बाद नागौर जिले के डेगाना क्षेत्र से भी एक डराने वाली घटना सामने आई है। खरियाबास की ढाणी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में शनिवार सुबह बरामदे की छत की चार पट्टियां टूटकर गिर गईं। सौभाग्य से उस समय स्कूल बंद था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

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बारिश के कारण छत में सीलन और दरारें आ चुकी थीं

 स्कूल के शिक्षक ने बताया कि सुबह करीब 6:30 बजे जोर की आवाज के साथ बरामदे की चार पट्टियां नीचे गिर गईं। कुछ दिन पहले हुई बारिश के कारण छत में सीलन और दरारें आ चुकी थीं। पहले से ही यह हिस्सा जर्जर अवस्था में था, इसलिए स्कूल प्रशासन ने एहतियातन इसे प्लास्टिक की जाली लगाकर बंद कर दिया था।

यह कोई पहली बार का हादसा नहीं

यह पहली बार नहीं था जब इस स्कूल की छत गिरी हो। 21 जुलाई को भी एक पट्टी टूटकर नीचे गिर चुकी थी। उस समय भी अधिकारियों को सूचना दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्कूल में केवल दो शिक्षक और 18 बच्चे पढ़ते हैं, और उनकी सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता गहराती जा रही है।

मरम्मत की योजना बनाई, लेकिन काम शुरू नहीं

 एसीबीओ गोरधन राम डूडी ने बताया कि स्कूल का निरीक्षण कर मरम्मत की योजना तैयार की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि जर्जर हिस्से को बंद कर दिया गया था और वहां बच्चों को न जाने की हिदायत दी गई थी। मामले की रिपोर्ट उपखंड अधिकारी को भेज दी गई है।

एक ही सवाल, चेतावनी के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?

 लगातार हो रहे ऐसे हादसे एक गंभीर सवाल खड़ा करते हैं — जब पहले से सूचना दी जा चुकी थी, तो समय पर मरम्मत क्यों नहीं हुई? गनीमत है कि कोई जानहानि नहीं हुई, लेकिन ये हालात चेतावनी हैं कि अब और देर नहीं की जा सकती।