दिल्ली-मुंबई से राजस्थान-हरियाणा और पंजाब से लेकर कनाडा तक इस वक्त गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की चर्चा है। बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद हर कोई बात कर रहा है। तो आइए जानते हैं लॉरेंस का गैंग का नेक्सस कैसे काम करता है कौन-कौन लोगों को बनाता है टारगेट

जयपुर. हाल ही में महाराष्ट्र में बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की गैंग का नाम काफी सुर्खियों में है। नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी इस पूरे मामले की तहकीकात कर रही है। वर्तमान में लॉरेंस गैंग भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी फैला हुआ है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

विदेश में बैठकर गैंग को ऑपरेट कर रही लॉरेंस बिश्नोई की गैंग

वर्ल्डवाइड करीब 700 से ज्यादा शूटर और अन्य गैंगस्टर इस गैंग से जुड़े हुए हैं। भले ही गैंग का मुखिया लॉरेंस बिश्नोई खुद पिछले करीब डेढ़ साल से जेल में बंद है, लेकिन जेल में बैठकर वह अपने आदमियों से हर अपराध को अंजाम दिलवाता है। अनमोल विश्नोई, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा,सचिन थापन जैसे गैंग के कई सरगना विदेश में बैठकर गैंग को ऑपरेट कर रहे हैं और नए युवाओं को गैंग में शामिल करके उनसे अपराध करवा रहे हैं।

सिर्फ इन लोगों से एक्सटॉर्शन मनी मांगती है लॉरेंस गैंग

गैंग के लोगों के द्वारा नए युवाओं को जोड़ने से पहले सोशल मीडिया के जरिए उनसे कांटेक्ट किया जाता है और फिर उनसे रोहित गोदारा गैंगस्टर जैसे अपराधियों की बातचीत करवाई जाती है और पैसों का लालच देकर उनसे अपराध करवाया जाता है। इस गैंग से जुड़े लोग ज्यादातर बॉलीवुड या फिल्म इंडस्ट्री से ताल्लुक रखने वाले या कोई बिल्डर और उद्योगपति से एक्सटॉर्शन मनी मांगते हैं।

एक्सटॉर्शन मनी 50 लाख से लेकर 10 करोड़ तक

इस गैंग की एक्सटॉर्शन मनी 50 लाख से लेकर 10 करोड़ तक होती है। बड़े-बड़े शोरूम और कंपनियों के मालिक से गैंग के द्वारा 5 से 10 करोड़, बिल्डरों से 2 से 5 करोड़, ज्वेलरी शोरूम मालिकों से 1 से 2 करोड़, रेस्टोरेंट या होटल संचालकों से 50 लाख से 1 करोड़ तक की फिरौती मांगी जाती है।

कोई पैसा नहीं देता तो लॉरेंस गैंग उठाती यह कदम

सबसे पहले विदेश में बैठे गैंग के सरगना विदेशी नंबरों से अपने शिकार को कॉल करते हैं। या तो डर के मारे कोई उन्हें पैसे दे देता है। यदि कोई पैसा नहीं देता तो लोकल लेवल पर गैंग के लोग अपने सदस्यों से बातचीत करते हैं और फिर फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दिलवाते हैं जिससे कि पीड़ित दहशत में आ जाए और पैसे दे दे।