राजस्थान विधानसभा में 16 विधायकों की मौत के बाद वास्तुदोष की चर्चाओं के बीच हरे कार्पेट को गुलाबी रंग में बदल दिया गया और एंट्री गेट की दिशा में भी बदलाव किया गया। क्या ये बदलाव आने वाले समय में कुछ बदलेंगे?

जयपुर. राजस्थान विधानसभा का 2025 का बजट सत्र जब शुरू हुआ, तो विधायकों को एक बदला हुआ नजारा देखने को मिला। विधानसभा के अंदर जहां पहले हरे रंग का कार्पेट बिछा था, उसे गुलाबी कर दिया गया था। इसके अलावा, एंट्री गेट की दिशा में भी बदलाव किया गया। जब विधायकों ने इस बदलाव को लेकर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से सवाल किए, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह सब "वास्तुदोष" के कारण किया गया है।

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विधानसभा भवन और वास्तुदोष की चर्चा

राजस्थान विधानसभा भवन का निर्माण वर्ष 2001 में हुआ था। उस समय से ही इसे लेकर कई बार वास्तुदोष की चर्चा होती रही है। विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायकों ने समय-समय पर इसे लेकर सवाल उठाए हैं। कई बार हवन और धार्मिक अनुष्ठान भी कराए गए हैं, ताकि भवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।

विधानसभा के निर्माण के बाद से अब तक 16 विधायकों का पद पर रहते हुए निधन हो चुका है। इसे भी इस भवन के वास्तुदोष से जोड़कर देखा जाता है। हाल ही में, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को भी हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया।

विधानसभा में विधायकों के निधन का सिलसिला

  • साल 2001 में जब विधानसभा भवन नया था, तब ही अजमेर पश्चिम के विधायक किशन मोटवानी का निधन हो गया था। इसके बाद 2002 में बानसूर के विधायक जगत दायमा और सागवाड़ा के विधायक भीखाभा का निधन हुआ।
  • 2005 में लूणी से विधायक और तत्कालीन सरकार में मंत्री रहे रामसिंह बिश्नोई चल बसे। 2006 में डीग के विधायक अरुण सिंह और डूंगरपुर के विधायक नाथूराम आहारी का निधन हुआ।
  • इसके बाद कुछ वर्षों तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, लेकिन 2017 में स्वाइन फ्लू के कारण मांडलगढ़ की विधायक कीर्ति कुमारी का निधन हो गया। 2018 में मुंडावर विधायक धर्मपाल चौधरी और कल्याण सिंह का भी निधन हुआ।
  • 2020 में कांग्रेस के तीन विधायक—कैलाश चंद त्रिवेदी, मास्टर भंवर लाल मेघवाल और किरण माहेश्वरी का निधन हुआ।
  •  2021 में गजेंद्र सिंह शक्तावत और गौतम लाल मीणा का निधन हो गया। 2022 में कांग्रेस के भंवरलाल शर्मा और 2024 में अमृत लाल मीणा का निधन हुआ।

विधानसभा भवन का उद्घाटन नहीं हुआ था

ऐसा कहा जाता है कि इस विधानसभा भवन की कार्यवाही बिना उद्घाटन किए शुरू कर दी गई थी। दरअसल, इस भवन का उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति के.आर. नारायणन को करना था, लेकिन उद्घाटन से पहले ही उनकी तबीयत खराब हो गई और कार्यक्रम स्थगित हो गया। बाद में, बिना किसी औपचारिक उद्घाटन के विधानसभा की कार्यवाही शुरू कर दी गई।

राजस्थान विधानसभा में फिर बदलाव

विधानसभा में लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए, अब एक बार फिर बदलाव किए जा रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे और क्या परिवर्तन किए जाते हैं।