Indo Pak border news : राजस्थान भारत-पाक सीमा पर बाड़मेर में बीएसएफ, पंजाब पुलिस और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 60 किलो हेरोइन ज़ब्त किया है जिसकी कीमत, 420 करोड़ बताई जा रही है।

Indo Pak border news : राजस्थान के बाड़मेर जिले में भारत-पाक सीमा पर एक बार फिर ड्रग तस्करी का बड़ा खुलासा हुआ है। बीएसएफ, पंजाब पुलिस और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 60 किलो से अधिक हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 420 करोड़ रुपये आंकी गई है।

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पाकिस्तान और कनाडा से हो रही थी सप्लाई

इस हाई-प्रोफाइल इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का संचालन पाकिस्तान और कनाडा से किया जा रहा था। सुरक्षा एजेंसियों ने अब तक इस नेटवर्क से जुड़े 9 लोगों को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया है। इनमें हवाला ऑपरेटर, ड्रग डीलर और डिस्ट्रिब्यूटर शामिल हैं।

जानिए कैसे दूसरे देश से हो रही थी ड्रग्स की सप्लाई

पाकिस्तान से तनवीर शाह और कनाडा से जोबन कालर कर रहे थे संचालन पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि इस नेटवर्क की जड़ें पाकिस्तान तक फैली हुई हैं। तनवीर शाह पाकिस्तान से इस सिंडिकेट को कंट्रोल कर रहा था, जबकि भारत में इसका संचालन कनाडा में बैठे जोबन कालर के जरिए हो रहा था। जोबन सोशल मीडिया और वर्चुअल नेटवर्किंग से भारतीय गुर्गों को निर्देश देता था।

बीएसएफ सीक्रेट तरीके से सिंडिकेट किया बेनकाब

बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता बीएसएफ की सतर्कता और तकनीकी निगरानी की बदौलत यह खेप बाड़मेर बॉर्डर के पास पकड़ी गई। ड्रग्स को विशेष पैकेट्स में छिपाकर खेतों और सीमावर्ती इलाकों में गुप्त स्थानों पर रखा गया था। एक खुफिया इनपुट के आधार पर टीम ने ट्रैप लगाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया। NDPS एक्ट के तहत देशभर में 65 हजार केस राजस्थान में बीते एक साल में 65 हजार से अधिक एनडीपीएस केस दर्ज हो चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि राज्य ड्रग तस्करी के नए रूट के रूप में उभर रहा है।

पंजाब डीजीपी ने लिया बड़ा संकल्प

डीजीपी गौरव यादव ने ट्वीट कर कहा, “पंजाब और देश को नारको-टेररिज्म से मुक्त कराना हमारा लक्ष्य है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए हम सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं।” इस मामले में आगे और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है। एजेंसियां अब इस नेटवर्क के आर्थिक स्रोतों और तकनीकी कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही हैं।